अमेठी: कलेक्ट्रेट परिसर में मनाई गई महात्मा गांधी व शास्त्री जी की जयंती
अमेठी। जिलाधिकारी अरुण कुमार ने आज शनिवार 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में ध्वजारोहण किया। इसके उपरांत उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और इस अवसर पर जनपद वासियों को हार्दिक बधाई दी। कलेक्ट्रेट सभागार में महात्मा गांधी …
अमेठी। जिलाधिकारी अरुण कुमार ने आज शनिवार 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में ध्वजारोहण किया। इसके उपरांत उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और इस अवसर पर जनपद वासियों को हार्दिक बधाई दी। कलेक्ट्रेट सभागार में महात्मा गांधी की 152वीं जयंती के अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने लोगों को संबोधित किया और महात्मा गांधी के विचारों पर चलने की प्रेरणा ली।
जिलाधिकारी ने कहा सत्याग्रह तथा सविनय अवज्ञा आंदोलन के माध्यम से उन्होंने समाज के सभी वर्गों में आजादी की लौ प्रचलित की। उन्होंने कहा गांधी जी ने सत्य और अहिंसा का जो मार्ग दिखाया है वह देश में ही नहीं पूरे विश्व में प्रसिद्ध है और इससे हमारे देश भारत का गौरव आगे बढ़ रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि महात्मा गांधी एक ऐसे महापुरुष थे, जो अहिंसा और सामाजिक एकता पर विश्वास करते थे,उन्होंने भारत में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने तथा सामाजिक विकास के लिए हमेशा संघर्ष किया।
उन्होंने भारतीयों को स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग करने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा गांधी जी की जो भी परिकल्पना रही हैं उन पर चलकर विभिन्न आयाम स्थापित किए गए हैं, जो भी व्यक्ति देश में रह रहा है उसे भोजन अवश्य मिले अंत्योदय कांसेप्ट के अंतर्गत ऐसी विभिन्न योजनाएं आई जिसमें हर व्यक्ति को लाभ मिला। गांधीजी की दूसरी परिकल्पना महिलाओं को आगे बढ़ाने की थी जो कि पूरी होती दिखाई दे रही है हर क्षेत्र में महिलाएं बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं पहले बेटी और बेटे में भेदभाव की भावना थी जिसमें कमी आई है बेटियों को उनके समस्त अधिकार दिए जा रहे हैं।
