हरदोई: फसल बर्बाद करने से अधेड़ ने रोका तो दबंगों ने कर दी पिटाई
हरदोई। पचदेवरा थाना क्षेत्र के ख्वाजगीपुर गांव निवासी व्यक्ति ने दबंगों द्वारा घर में घुसकर मारपीट करने और झोपड़ी में आग लगाकर फसल बर्बाद करने के मामले में थाना पुलिस द्वारा कार्यवाही न करने के बाद एसपी से न्याय की गुहार लगाई है। शिकायत में पीड़ित ने बताया है कि पचदेवरा पुलिस ने दबंगों पर …
हरदोई। पचदेवरा थाना क्षेत्र के ख्वाजगीपुर गांव निवासी व्यक्ति ने दबंगों द्वारा घर में घुसकर मारपीट करने और झोपड़ी में आग लगाकर फसल बर्बाद करने के मामले में थाना पुलिस द्वारा कार्यवाही न करने के बाद एसपी से न्याय की गुहार लगाई है। शिकायत में पीड़ित ने बताया है कि पचदेवरा पुलिस ने दबंगों पर कार्रवाई की बजाय पीड़ितों को ही थाने में बंद कर दिया था। पचदेवरा थाना क्षेत्र के ख्वाजगीपुर गांव निवासी कुलदीप पुत्र राजाराम ने पुलिस अधीक्षक को भेजे शिकायती पत्र में कहा की उसका खेत गांव के पूरब है।
जमुना प्रसाद पुत्र फूलचंद्र, गोविंद पुत्र मुंशी, राजू पुत्र साधू, चतुर लाल पुत्र झुलकान, मोनू पुत्र ओमपाल, उदल पुत्र रूप्पा सर्व निवासी ग्राम गुजीदेई थाना पाली रोजाना खेतों में खड़ी उसकी फसल को जानवरों से चरा देते थे। बीती 29 सितंबर को जब उसके भाई रामनिवास ने उपरोक्त लोगों को जानवर चराते हुए देखा तो मना किया। उपरोक्त आरोपियों ने उसके भाई को गाली गलौज करते हुए लाठी डंडों से मारा पीटा और भाग गए।
जिसके बाद उसने पचदेवरा थाने में शिकायत की पचदेवरा पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई करने की बजाय पीड़ितों को ही थाने में बंद कर दिया। काफी मान मनौव्वल के बाद रुपए लेकर छोड़ा, ऐसा आरोप है। जिसके बाद 30 सितंबर को उपरोक्त आरोपियों ने दोबारा घर में घुसकर उसके भाई को बुरी तरह मारा-पीटा और खेत में पड़ी झोपड़ी में आग लगा दी और फसल बर्बाद कर दी। मामले का एक उसके पास वीडियो भी है जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
पीड़ित ने एसपी से आरोपी दबंगों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है। पूरे मामले में पचदेवरा पुलिस की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती है। दबंगों द्वारा पीड़ित की झोपड़ी फूंकने का वीडियो भी होने के बावजूद पचदेवरा पुलिस ने दबंगों पर कार्रवाई करने की जहमत नहीं उठाई और पीड़ित को ही 2 दिन तक थाने में बंद रखा। आरोप तो यहां तक है कि पचदेवरा पुलिस ने पीड़ितों को पैसे लेकर बड़ी मुश्किल से छोड़ा। प्रदेश सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ द्वारा लगातार पुलिसिया कार्यशैली में सुधार के लिए निर्देश दिए जा रहे हैं पर पचदेवरा पुलिस के लिए यह आदेश कोई मायने नहीं रखते जिसका उदाहरण उपरोक्त मामला है।
