शर्मनाक: हरदोई पुलिस ने दुष्कर्म पीड़िता के पिता से ही कर ली धन उगाही, जानें मामला?

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हरदोई। अरवल थाना क्षेत्र में आजकल सिपाही ही ला एंड ऑर्डर दुरुस्त कर पुलिस की छबि खराब करने में जुटे हुए हैं। यहां अधिकांश मामलों में पीड़ित पक्ष से कार्यवाई के नाम पर धनउगाही की जा रही है, और कार्यवाई के नाम पर महज शांति भंग के आरोप में हो रही कार्यवाई। यही नहीं अधिकांश …

हरदोई। अरवल थाना क्षेत्र में आजकल सिपाही ही ला एंड ऑर्डर दुरुस्त कर पुलिस की छबि खराब करने में जुटे हुए हैं। यहां अधिकांश मामलों में पीड़ित पक्ष से कार्यवाई के नाम पर धनउगाही की जा रही है, और कार्यवाई के नाम पर महज शांति भंग के आरोप में हो रही कार्यवाई। यही नहीं अधिकांश शिकायती पत्र क्षेत्र में पहुंचकर सिपाही खुद लेकर पैसा वसूली कर रहे है जबकि थाने पर इन शिकायतों का कोई लेखा जोखा नहीं होता है। लगभग 15 दिन पूर्व एक नाबालिग से दुष्कर्म की रिपोर्ट अभी तक दर्ज नही हो सकी जबकि बीट आरक्षी ने दुष्कर्म पीड़िता से कार्यवाई के नाम पर पांच हजार आठ सौ रुपये ले लिए।

अरवल थाने पर तैनात आरक्षियों की आजकल बल्ले बल्ले है। नए थानाध्यक्ष की तैनाती के बाद कई मामले संज्ञान में आये जिसमें पुलिस क्षेत्र में फर्जी शिकायती पत्र लेकर लोगों के घरों पर आए दिन पहुंचकर लोगों को धमकाती है। अगर पूर्व में किसी मामले में सुलह समझौता हो गया है फिर भी विपक्षी से दुबारा शिकायती पत्र लेकर कार्यवाई के नाम पर लोगो को परेशान करने की आदी हो चुकी है।इन सब मामलों में एक आश्चर्यजनक मामला आप को पुलिस की अच्छी छबि से आप का विश्वास डगमगाने के लिए काफी है।

दरअसल मामला यह है कि विगत 17 सितंबर की शाम लगभग 5 बजे एक नाबालिग अपनी बहन के साथ खेत पर घास काटने गयी थी।आरोप है कि वहां गांव के एक युवक ने उसके साथ तमंचे के बल पर दुष्कर्म किया। पीड़िता के साथ गयी उसकी बहन खेत से भागकर घर आई और अपनी मां को घटना बतायी। खेत पर पहुंची मां को बदहवास हालत में नाबालिग पड़ी हुई मिली। दुष्कर्म पीड़िता अपने पिता के साथ जब थाने पहुंची और थाने पर तहरीर दी। आरोप है कि अगले दिन आरक्षी आसिफ आरोपी को गिरफ्तार करने पीड़िता के घर गए जबकि गिरफ्तारी आरोपी की होनी थी।

पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि कार्यवाई के नाम पर आरक्षी आसिफ ने पीड़िता के पिता से 6 हजार रुपये की मांग की। हालांकि पीड़ित पक्ष ने आरक्षी को अभियोग दर्ज कर दोषी के खिलाफ कार्यवाई करने के नाम पर 5 हजार आठ सौ रुपये दे दिए। गिरफ्तार दुष्कर्म आरोपी के खिलाफ पुलिस ने महज सीआरपीसी के तहत शान्तिभंग की कार्यवाई कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। उधर घटना में कार्यवाई न होने पर पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर दोषी के खिलाफ कड़ी कार्यवाई की मांग की है।

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