बरेली: सड़कों पर पड़ा खुराफातियों की खुराक का सामान
बरेली, अमृत विचार। लखीमपुर खीरी कांड के बाद गर्माये माहौल के बीच निर्माणाधीन सड़कों के किनारे लगे पत्थर-बजरी के ढेर अराजकता फैलाने वालों के लिए आग में घी का काम कर सकते हैं। शहर की सड़कों का जो हाल है शायद उसे देखकर अधिकारियों को या तो इसका आभास नहीं है या फिर वे जान …
बरेली, अमृत विचार। लखीमपुर खीरी कांड के बाद गर्माये माहौल के बीच निर्माणाधीन सड़कों के किनारे लगे पत्थर-बजरी के ढेर अराजकता फैलाने वालों के लिए आग में घी का काम कर सकते हैं। शहर की सड़कों का जो हाल है शायद उसे देखकर अधिकारियों को या तो इसका आभास नहीं है या फिर वे जान बूझकर आंखों पर पर्दा डाले हुए हैं। अगर कहीं कोई खुराफत होती है तो यह भयावह स्थिति पैदा हो सकती है। जबकि अधिकारियों का कहना है कि सड़कों के किनारे बजरी पत्थर जरूर पड़े हैं लेकिन विकास कार्यों के लिए निर्माण सामग्री को मंगवाया जाना भी जरूरी है।
लखीमपुर में किसानों पर एक मंत्री के बेटे की गाड़ी चढ़ने और इसमें कई लोगों की मौत के बाद से सूबे के अन्य जिलों के साथ ही बरेली में भी उबाल है। यदि स्थिति बिगड़ी तो पुलिस-प्रशासन के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होगा। इस समय स्मार्ट सिटी परियोजना के साथ नगर निगम और लोक निर्माण विभाग अपने तमाम फंड से सड़कों के नवीनीकरण और उनके चौड़ीकरण के काम करा रहा है। ऐसे में कई जगहों पर पत्थर और बजरी भी फैली हुई है।
आमतौर पर सरकारी मशीनरी माहौल खराब होने या अराजकता की आशंका पैदा होने के बाद बड़ी मात्रा में कहीं ईंट-पत्थर इकट्ठा होता है तो उसे हटा देती है। घरों की छतों पर भी इन्हें इकट्ठा करना प्रतिबंधित होता है लेकिन इस समय लखीमपुर कांड के बावजूद अफसर सड़कों के किनारे फैली बजरी और पत्थरों के ढेरों को हटाने को लेकर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
सड़कें खुदी पड़ी..हर जगह लगे पत्थरों के ढेर
पिछले कई महीनों से शहर की ज्यादातर प्रमुख सड़कें खुदी पड़ी हैं। सिटी स्टेशन रोड उधड़ी है। यहां कई जगहों पर बजरी और बड़े पत्थर सड़कों पर फैले हुए हैं। रोड का निर्माण जल्द न होने यहां दिक्कत बनी हुई है। यही हाल चौपुला से जंक्शन की ओर जाने वाली रोड का है। यहां भी कई जगहों पर बजरी और पत्थरों के ढेर लगे हुए हैं, जो काफी समय से ऐसी ही इकट्ठा हैं। इधर विकास भवन रोड, ईंट पजाया के पास, स्टेडियम रोड, संजयनगर के पास, मढ़ीनाथ रोड सहित तमाम दूसरी सड़कों पर भी यही हाल है।
यह सही है कि पत्थर-बजरी के इकट्ठा होने से खतरा बढ़ सकता है लेकिन विकास कार्य कराए जाने भी जरूरी है। ठेकेदारों पर शिकंजा कसा जा रहा है कि वे निर्माण कार्यों को जल्द से जल्द कराएं ताकि ऐसी स्थिति पैदा होने से बचा जा सके। -अजीत कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त
