रामपुर: युवक की हत्या में पूर्व प्रधान समेत तीन को आजीवन कारावास, जुर्माना
रामपुर, अमृत विचार। युवक की हत्या करने के आरोपी पूर्व प्रधान सहित तीन आरोपियों को कोर्ट ने दोषी मनाते हुए आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माना डाला है कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि जुर्माने की धनराशि में से एक लाख रुपये मृतक की पत्नी को दिया जाए।शेष धनराशि राजकीय कोष में …
रामपुर, अमृत विचार। युवक की हत्या करने के आरोपी पूर्व प्रधान सहित तीन आरोपियों को कोर्ट ने दोषी मनाते हुए आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माना डाला है कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि जुर्माने की धनराशि में से एक लाख रुपये मृतक की पत्नी को दिया जाए।शेष धनराशि राजकीय कोष में जमा की जाए।
मामला पटवाई थाना क्षेत्र के गांव ठाकुरद्वारा से जुड़ा है यहां के रहने वाले लाल सिंह 1 मार्च 2012 को अपनी पत्नी को दवा दिलाकर घर जा रहा था आरोप है कि रास्ते में रविंद्र,संजू,विक्की पंडित और राजू ने घेरकर लाठी डंडो से पिटाई की। उसके बाद गोली मारकर हत्या कर दी। घटना की रिपोर्ट मृतक की पत्नी बेबी ने रविंद्र सहित 4 लोगों के खिलाफ दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपियों गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओेर से सहायक शासकीय अधिवक्ता सीमा राणा ने वादी मुकदमा बेबी सहित आठ गवाहों के बयान कोर्ट में दर्ज कराए।
आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की, जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि घटना को कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है। लिहाज आरोपियों को बरी किया जाए। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद एडीजे प्रथम धीरेंद्र कुमार ने पूर्व प्रधान रविंद्र,संजू,और बिक्की पंडित को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये का रुपया का तीनों पर जुर्माना ठोका है कोर्ट ने आदेश दिया है कि जुर्माने की धनराशि में से एक लाख रुपये मृतक की पत्नी बेबी को दिए जाए। शेष धनराशि राजकीय कोष में जमा की जाए।
जानलेवा हमले में तीन सगे भाइयों सहित चार बरी
पटवाई थाना क्षेत्र के ठाकुरद्वारे में नौ साल पहले हत्या के मुकदमें में नामजद रविंद्र की पत्नी संगीता ने थाना पटवाई में वीरेंद्र,प्रेमपाल,तालेवर और रंजीत के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। उसका आरोप था कि प्रेमपाल और तालेवर ने जान से मारने की नियत से जानलेवा हमलाकर दिया। जिससे उसके पति घायल हो गए।
घटना की रिपोर्ट पटवाई थाने में दर्ज हुई थी। अभियोजन की ओर से वादी मुकदमा संगीता सहित 8 गवाहों के बयान कोर्ट में दर्ज कराए।बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि वादिनी मुकदमा द्वारा हत्या के मुकदमें से बचने के लिए उनके मुवक्किलों के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया हैं।दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में वीरेंद्र,प्रेमपाल,तालेवर और रंजीत को बरी कर दिया है।
