बरेली: एनएचएआई की लापरवाही, बदायूं हाईवे बना जानलेवा
बरेली, अमृत विचार। बदायूं रोड पर बालाजी मंदिर के पास करीब 300-400 मीटर हाईवे खतरे की घंटी बन गया है। इस रोड पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और उस पर पानी भरने से आए दिन वाहन पलट रहे हैं। इससे राहगीर गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं। इस सड़क की मरम्मत न हुई …
बरेली, अमृत विचार। बदायूं रोड पर बालाजी मंदिर के पास करीब 300-400 मीटर हाईवे खतरे की घंटी बन गया है। इस रोड पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और उस पर पानी भरने से आए दिन वाहन पलट रहे हैं। इससे राहगीर गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं। इस सड़क की मरम्मत न हुई तो आने वाले दिनों में यह रोड और भी ज्यादा खतरनाक और जानलेवा हो जाएगी।
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि यह सड़क अब नेशनल हाईवे अथॉरिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) के पास पहुंच गई है। कई बार एनएचएआई मुरादाबाद के परियोजना निदेशक को पीडब्ल्यूडी की ओर से चिट्ठी जारी कर सूचना देने के बावजूद इस रोड की मरम्मत नहीं हुई है। इससे यहां कभी भी बड़ी दुर्घटना होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।
चौपुला से करगैना होते हुए बदायूं से आगरा की ओर जाने वाले इस हाईवे का शहर में बालाजी मंदिर के पास बीडीए कॉलोनी की ओर के रोड की हालत ज्यादा खस्ताहाल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह रोड छह-सात महीने से ऐसी ही पड़ी है। आसपास के क्षेत्र का पानी इस हाईवे पर जमा हो जाने से यहां गुजरने वाले लोगों को हाईवे के बेहद बड़े और खतरनाक हो चुके गड्ढों का अंदाजा ही नहीं लगता है। ऐसे में कोई नया ड्राइवर हाईवे के गड्ढों से अनजान होकर कई बार दुर्घटनाग्रस्त हो चुका है।
कार-बाइक वाले आए दिन यहां हादसाग्रस्त होते रहते हैं। आसपास के लोगों की मानें तो एक्सीडेंट का शिकार होने वाले लोगों के आए दिन हाथ-पैर टूटते रहते हैं। पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई के अधिकारियों की लगातार लापरवाही के चलते इस हाईवे की मरम्मत महीनों से नहीं हुई है। इस रोड पर बदायूं-बरेली होते हुए दिल्ली व लखनऊ का ट्रैफिक हर वक्त चलता रहता है।
रोड की ऐसी दुर्दुशा है कि कई बार लोग यहां लकड़ी और रस्सी बांधकर राहगीरों को आगाह करते हैं। दिन में कोई हादसा हो जाता है तो लोग मदद कर उन्हें हॉस्पिटल पहुंचा देते हैं लेकिन रात में एक्सीडेंट होने पर काफी देर तक राहगीर घायल होकर मदद के लिए तड़पता रहता है। पीडब्लयूडी के अधिकारी यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं कि यह रोड एनएचएआई के पास है। उनके परियोजना अधिकारी मुरादाबाद में बैठते हैं। कई बार सूचना देने के बावजूद इस हाईवे की मरम्मत नहीं कराई जा रही है।
स्थानीय लोगों ने बनाया सुरक्षा घेरा
खस्ताहाल बदायूं हाईवे पर हादसा न हो, इसलिए सरकारी मशीनरी भले न चेती हो लेकिन स्थानीय लोगों ने खुद ही कदम आगे बढ़ाते ही हाईवे पर गहरे गड्ढों के पास कोई वाहन न गुजरे, इसलिए उस जगह पर रस्सी बांधकर सुरक्षा घेरा बना दिया है।
इस हाईवे पर गड्ढे इतने ज्यादा खतरनाक हो गए हैं कि अधिकारियों के न सुनने पर स्थानीय लोगों ने खुद ही ईंट-बजरी डालकर रोड को कुछ ठीक करने की कोशिश की लेकिन हाईवे पर इतना ट्रैफिक रहता है कि इससे कोई फायदा नहीं हो रहा। -दिलशाद निवासी करगैना
रोड पर आए दिन वाहन पलटते रहते हैं। कई बार ठेले पलट जाते हैं, जिससे गरीब दुकानदारों का काफी नुकसान हो जाता है। हाईवे की मरम्मत न होने से यहां हर वक्त हादसे का खतरा मंडरा रहा है। -आदित्य सक्सेना, निवासी बीडीए कॉलोनी
अफसर सुन ही नहीं रहे। लोग खुद ही लकड़ी और रस्सी लगाकर राहगीरों को जलभराव वाली जगह पर गड्ढों के खतरनाक होने को लेकर राहगीरों को आगाह करते हैं लेकिन यह इस समस्या का समाधान नहीं है। -वीरेंद्र यादव, स्थानीय निवासी
इस हाईवे पर दिनभर ट्रैफिक दौड़ता है। तमाम बड़े अधिकारी व नेता भी गुजरते हैं लेकिन इस जन समस्या को लेकर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इससे स्थानीय लोगों के साथ राहगीरों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। -डॉ. सलमान, निवासी करगैना
यह रोड एनएचएआई के पास है और इसे आगरा के परियोजना निदेशक देखते हैं। मैंने कई बार उन्हें इस हाईवे की खस्ताहाल दशा को लेकर अवगत करा दिया है लेकिन इसकी मरम्मत नहीं हो रही है। एक बार फिर उन्हें रिमाइंडर भेजा जाएगा। -नारायण सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड
