पीलीभीत के सीएफओ बोले- बरेली के सीएफओ करवा सकते हैं मेरी हत्या
अमृत विचार, बरेली, पीलीभीत। उत्तर प्रदेश बरेली और पीलीभीत अग्निशमन विभाग में इन दिनों तनातनी का माहौल बना हुआ है। पीलीभीत के सीएफओ विश्वजीत बनर्जी ने बरेली के सीएफओ पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए एसएसपी को पत्र सौंपा है। कहा है कि बरेली के सीएफओ उन्हें जान से मार सकते है। इसलिए उन्होंने सुरक्षा …
अमृत विचार, बरेली, पीलीभीत। उत्तर प्रदेश बरेली और पीलीभीत अग्निशमन विभाग में इन दिनों तनातनी का माहौल बना हुआ है। पीलीभीत के सीएफओ विश्वजीत बनर्जी ने बरेली के सीएफओ पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए एसएसपी को पत्र सौंपा है। कहा है कि बरेली के सीएफओ उन्हें जान से मार सकते है। इसलिए उन्होंने सुरक्षा की मांग की है। उधर, दूसरी ओर बरेली के सीएफओ ने इन तमाम आरोपों को निराधार बताया है।
पीलीभीत के सीएफओ ने पत्र में कहा, बरेली के सीएफओ ने की अभद्रता
दरअसल, मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) ने पीलीभीत एसएसपी को एक पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने कहा है कि अग्निशमन एनओसी के नाम पर प्रचलित भ्रष्टाचार का खेल चलता है। सीएफओ बरेली समेत अन्य भ्रष्टाचार के पक्षधर उनकी ओर से एनओसी के खेल पर रोकथाम लगाए जाने से गुस्सा गए हैं। उनकी जान के दुश्मन बन गए हैं।
बरेली सीएफओ का खुलकर जिक्र करते हुए कहा कि वह उनकी हत्या करवा सकते हैं। आरोप है कि बुधवार दोपहर बरेली सीएफओ कुछ संदिग्ध लोगों के साथ पीलीभीत अग्निशमन कार्यालय पर पहुंचे। वहां उन्होंने फायर स्टेशन प्रभारी से अभद्रता की। जबरन कार्यालय खुलवा लिया। खुद कार्यालय में संदिग्धों संग बैठ गए और फायर स्टेशन प्रभारी को भगा दिया। आरोप है कि जब कार्यालय में पीलीभीत के सीएफओ पहुंचे तो बरेली सीएफओ वहां से बिना कुछ कहे निकल गए।
समझिए आखिर मामला क्या है…
बरेली के सीएफओ के मुताबिक शासन ने भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते पीलीभीत के सीएफओ विश्वजीत बनर्जी के सभी अनापत्तियों, प्रमाण पत्रों, तथा अन्य आख्या संबंधी सभी अधिकारों को छीन लिया है।
शासनादेश में कहा गया कि जब तक पीलीभीत सीएफओ की जांच पूरी नहीं होती सभी अधिकार बरेली के सीएफओ को सौंपे गए है। जिसके बाद से पूरा मामला गड़बड़ा गया। बरेली सीएफओ के मुताबिक जब से विश्वजीत के सभी अधिकार छिने है। वह बौखला गए है इसलिए उन्होंने बरेली सीएफओ पर तमाम आरोप लगाए है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि पीलीभीत के सीएफओ पर कोई एक-दो भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगे। बल्कि जहां-जहां वह रहे उन पर जांच चलती रही। जिसकी वजह से वह अब बरेली के सीएफओ पर जान से मारने का आरोप लगा रहे है।
