ध्रुव अपहरण कांड : मां शिखा और प्रेमी अशफाक के लिए जाएंगे वॉयस सैंपल

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मुरादाबाद, अमृत विचार। महानगर के चर्चित ध्रुव अपहरण कांड में एक नया मोड़ आ गया है। अपहरण के आरोप में फंसी ध्रुव की मां शिखा और उसके कथित प्रेमी अशफाक निवासी तेलंगाना को बचाने के लिए अब ध्रुव का पिता गौरव आगे आया है। कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर उसने पत्नी शिखा व अशफाक को …

मुरादाबाद, अमृत विचार। महानगर के चर्चित ध्रुव अपहरण कांड में एक नया मोड़ आ गया है। अपहरण के आरोप में फंसी ध्रुव की मां शिखा और उसके कथित प्रेमी अशफाक निवासी तेलंगाना को बचाने के लिए अब ध्रुव का पिता गौरव आगे आया है। कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर उसने पत्नी शिखा व अशफाक को पुलिस पर झूठा फंसाने का आरोप लगाया है।

गौरव का कहना है कि शिखा और अशफाक के बीच घरेलू जान पहचान थी, लेकिन पुलिस ने गलत तरीके से उनको फंसा दिया। इस प्रार्थना पत्र के एवज में पुलिस ने अपना बचाव करते हुए तीनों के वॉयस सैंपल लेने के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया, अब 22 अक्टूबर को ध्रुव, उसकी मां व प्रेमी के लखनऊ स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला में सैंपल लिए जाएंगे।

महानगर का चर्चित अपहरण कांड 7 अगस्त को मझोला थाना क्षेत्र में लाइनपार स्थित रामलीला मैदान के पास हुई थी। यहां पर रहने वाले गौरव कुमार रामपुर रोड स्थित प्राइवेट फाइनेंस कंपनी श्रीराम में काम करते थे। वह यहां पर अपनी पत्नी शिखा और पांच साल के बेटे ध्रुव के साथ रहते थे। घटना के दिन गौरव कुमार ड्यूटी जाने के बाद ध्रुव का अपहरण हो गया था। करीब आधे घंटे बाद पिता गौरव के नंबर पर एक इंटरनेट काल आई।

काल करने वाले ने कहा कि तुम्हारे बेटे का अपहरण हो गया है, तीस लाख रुपये फिरौती नहीं मिली तो उसकी हत्या कर देंगे। उसने तुरंत घर फोन करके शिखा से ध्रुव के बारे में पूछा। बात सुनकर शिखा घबरा गई । काफी देर तक मासूम को तलाश करते रहे लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। घटना के कुछ देर बाद वाट्सएप काल करके गौरव से 30 लाख की फिरौती मांगी गई थी। हालांकि घटना के अगले दिन संदिग्ध परिस्थितियों में ध्रुव गाजियाबाद में एक बस में मिला था। करीब 15 दिन बाद पुलिस ने इस अपहरण कांड में ध्रुव की मां शिखा, उसके कथित प्रेमी तेलंगाना निवासी अशफाक और एक कार चालक को गिरफ्तार कर लिया था। काफी समय जेल में रहने के बाद हाईकोर्ट ने शिखा की जमानत मंजूर कर ली थी।

पति आया बचाव में तो कोर्ट ने दिए आवाज के नमूने लेने के आदेश
इधर जब शिखा जेल में थी तो उसके पति गौरव ने पैरवी करनी शुरु कर दी थी। उसका कहना था कि पुलिस ने उसकी पत्नी और ध्रुव की मां को गलत तरीके से फंसा दिया है। शिखा की जमानत होने के बाद भी गौरव ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। उसका कहना था कि अशफाक के साथ घरेलू संबंध हैं, पुलिस ने गलत तरीके से उसकी पत्नी को फंसा दिया है।

इस मामले में जब मझोला थाना पुलिस को नोटिस गया तो उन्होंने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर सभी के आवाज के नमूने लेने की मांग की थी। जिसको कोर्ट ने मंजूर कर लिया है। मझोला थाने में तैनात अपराध निरीक्षक उदयवीर सिंह ने बताया कि ध्रुव, उसकी मां शिखा और प्रेमी अशफाक की आवाज के नमूने लेने के लिए कोर्ट ने 22 अक्टूबर की तारीख नियत की है। यह नमूने लखनऊ स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला में लिए जाएंगे।

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