मुरादाबाद: गजब का सरकारी सिस्टम, बिजली न केबल, लग गया स्मार्ट स्कूल का लेबल
विनोद श्रीवास्तव/ मुरादाबाद, अमृत विचार। स्मार्ट सिटी मिशन सपनों में ही पूरा हो पाएगा। न संसाधन है और न ही प्रशिक्षित स्टाफ। बेसिक शिक्षा परिषद के 24 स्कूलों को स्मार्ट सिटी मिशन में नगर निगम ने चयनित कराकर स्मार्ट स्कूल का तमगा तो दे दिया, लेकिन संसाधनों की कमी और सिस्टम की खामी बच्चों को स्मार्ट …
विनोद श्रीवास्तव/ मुरादाबाद, अमृत विचार। स्मार्ट सिटी मिशन सपनों में ही पूरा हो पाएगा। न संसाधन है और न ही प्रशिक्षित स्टाफ। बेसिक शिक्षा परिषद के 24 स्कूलों को स्मार्ट सिटी मिशन में नगर निगम ने चयनित कराकर स्मार्ट स्कूल का तमगा तो दे दिया, लेकिन संसाधनों की कमी और सिस्टम की खामी बच्चों को स्मार्ट बनने की राह में रोड़े डाल रही है। शुक्रवार को अमृत विचार ने इस मिशन की असलियत परखी। कागजों में इन स्कूलों को भले ही स्मार्ट बना दिया गया हो, लेकिन स्मार्ट क्लास के लिए कहीं बिजली कनेक्शन नहीं तो कहीं बिजली के तार पोल से डायरेक्ट जोड़ गया था। वहीं केबल कनेक्शन नदारद। एलईडी टीवी भी अलमारी में कैद मिला।
समय- 1.20 बजे, स्थान- राजकीय प्राथमिक विद्यालय पुलिस लाइंस
स्कूल में चार कमरे। स्मार्ट क्लास बताए गए कक्ष में प्रभारी प्रधानाध्यापिका शुचि शर्मा अकेली बैठी मिलीं। न तो क्लास चल रही था, न बच्चे उस कक्ष में थे। पूछने पर बताया कि एलईडी टेलीविजन के माध्यम से क्लास चलेगा, लेकिन वह आलमारी में बंद है। एक महीने पहले ही टीवी मिला है। केबल और अन्य कार्य अधूरे मिले। केबल जुड़ने का इंतजार किया जा रहा है। पूछने पर बताया कि स्कूल में स्मार्ट क्लास के लिए परियोजना में काम चल रहा है। स्कूल में 115 बच्चों का नामांकन है। शुचि शर्मा ने बताया कि मेरे अलावा एक सहायक अध्यापिका लक्ष्मी देवी हैं। जो विभागीय कार्य से तहसील गई हैं। कुछ दिन पहले तक बिजली कनेक्शन नहीं था। मीटर भी नहीं लगा था। तीन दिन पहले डायरेक्ट पोल से लाइट जोड़ा गया है। टीचर भी कम हैं। लाचारी बताते हुए कहा कि टीचर भी मेरे सहित दो हैं। स्मार्ट क्लास कैसे चलेगा। एक दूसरे कक्ष में संबद्ध सहायक अध्यापक पीयूष व समरपाल सिंह बैठे मिले। कक्षा में बच्चे अपने में मस्त थे। प्रशिक्षण के सवाल पर कहा कि लाकडाउन के दौरान एक दिन कराया गया था।
समय-1.45 बजे, स्थान कन्या प्राथमिक विद्यालय दांग
इस स्कूल के स्मार्ट कक्ष में बच्चे थे, लेकिन शिक्षक नदारद। कमरे में हल्का अंधेरा, बिजली कनेक्शन नदारद, पंखा भी बंद था। दूसरे कमरे में एक शिक्षिका बैठी थीं। बच्चों से स्मार्ट क्लास के बारे में पूछने पर वे इस शब्द से ही अंजान नजर आये। एक छात्रा ने दूसरे कमरे में पढ़ा रहीं प्रधानाध्यापिका को आने की जानकारी दी तो वह कक्ष में आईं। बिजली के न होने और स्मार्ट क्लास के संचालन के सवाल पर प्रधानाध्यापिका तनुषी मित्तल बोलीं बिजली कनेक्शन पूर्व में उन्होने अपने नाम से लिया था। पहले केवल बिजली पंखे का खर्च था तो वह खुद के तनख्वाह से बिल भी भरती थी। लेकिन अब स्मार्ट क्लास में दो कमरों में टीवी चलेगा, पानी का मोटर चलने पर बिल अधिक आता तो इतना खर्च वह नहीं वहन कर सकतीं। इसलिए खुद के पदनाम का कनेक्शन कटवा दिया। प्रीपेड मीटर के चलते पहले ही पैसा रिचार्ज कराना पड़ता है। इसलिए कनेक्शन कटवाकर विभागीय अधिकारियों को बता दिया। अब कनेक्शन जुड़ने पर स्मार्ट क्लास चलेगा। एलईडी टीवी आलमारी में बंद था। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि स्कूल में 89 बच्चों का नामांकन है। इसमें 44 लड़के और 45 लड़कियां हैं।
बच्चों को नहीं पता किस क्लास में हैं
इस विद्यालय में स्मार्ट क्लास में बैठे आर्यन, अनमोल, आरवी को नहीं पता कि वह किस कक्षा में पढ़ते हैं। पूछने पर अनमोल ने कहा इसी में पढ़ते हैं। यह किस कक्षा का क्लास है के सवाल पर कहा इसी में पढ़ते हैं। प्रधानाध्यापिका ने बताया यह कक्षा एक के बच्चे हैं। बच्चों के ज्ञान से खुद ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि बच्चे किस प्रकार स्मार्ट बन रहे हैं। कक्षा एक में 17 बच्चे हैं।
कैसे होगी स्मार्ट क्लास में पढ़ाई
स्मार्ट क्लास का संचालन कंप्यूटर पर नहीं एलईडी टीवी के जरिए चलेगा। इसे नेट व यूट्यूब से जोड़कर क्लास चलेगी। टीवी का टच स्क्रीन इलेक्ट्र्र्रानिक बोर्ड का काम करेगा। इस पर हाथ से लिखा जा सकेगा। बुक रीडिंग भी इसके जरिए होगा। लिखने में चार रंग का आप्शन है। जिससे प्रश्न व उत्तर को अलग रंग या किसी अन्य प्रमुख बिंदु को हाईलाइट किया जा सकता है।
24 स्कूल शामिल हैं स्मार्ट सिटी मिशन में
नगर क्षेत्र के 24 स्कूलों को नगर निगम ने स्मार्ट सिटी मिशन के जरिए चयनित किया है। इन 24 स्कूलों में प्राथमिक स्कूल पुलिस लाइंस, कंपोजिट स्कूल दांग, कंपोजिट स्कूल कांशीराम नगर, प्राथमिक स्कूल कन्या दांग, कंपोजिट स्कूल लाकड़ी मुफ्तीटोला, कंपोजिट विद्यालय मझोला, उच्च प्राथमिक विद्यालय फेजगंज, उच्च प्रावि मऊ कांठरोड, कन्या जूनियर हाई स्कूल मझोला, कस्तूरबा गांधी स्कूल जीआईसी परिसर, प्रावि पूर्वी बालक कटघर, प्रावि भट्टावाली, प्रावि भीमाठेर, प्रावि धाका लाइनपार, प्रावि गांधी पार्क सिविल लाइंस, प्रावि काजीपुरा कांठ रोड, प्रावि कुंदनपुर लाइनपार रामलीला मैदान, प्रावि सराय गुल्जारीमल, प्रावि शाहपुर तिघरी, प्रावि सिकंदरपुर तिघरी, कंपोजिट स्कूल तहसील चौकी हसन खान और प्रावि झांझनपुर शामिल है।
स्कूलों में बिजली कनेक्शन व बिल भुगतान के लिए अलग से कोई बजट नहीं है। कन्या दांग में प्रीपेड मीटर था, वह कट गया है कोई रास्ता बनाकर इसे फिर से चालू कराएंगे। अन्य जगहों पर बिजली कनेक्शन व बिल भुगतान के लिए वैकल्पिक रास्ता ही अपनाने की मजबूरी है। कब तक सभी स्कूलों में स्मार्ट क्लास का सुचारू संचालन हो पाएगा कह नहीं सकते। बुद्धप्रिय सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
