पीलीभीत: जिले में मिले डेंगू के दस और संदिग्ध मरीज
पीलीभीत, अमृत विचार। बदलते मौसम के बीच डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी और निजी क्लीनिक पर हुई जांच में दस डेंगू के संदिग्ध मरीज मिले है। रिपोर्ट मिलने के बाद मलेरिया टीम ने सैंपल लेकर एलाइजा को जांच के लिए भेजा है। इसके अलावा टीम ने …
पीलीभीत, अमृत विचार। बदलते मौसम के बीच डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी और निजी क्लीनिक पर हुई जांच में दस डेंगू के संदिग्ध मरीज मिले है। रिपोर्ट मिलने के बाद मलेरिया टीम ने सैंपल लेकर एलाइजा को जांच के लिए भेजा है। इसके अलावा टीम ने मरीजों के घर जाकर वहां लार्वा की तलाश कर दवा का छिड़काव कराया।
सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। सुबह 11 बजे ओपीडी में शहर से सटे गांव चंदोई गांव रहने वाले तीन युवक कई दिन से बुखार आ रहा था। तबीयत खराब होने पर वह दवा लेने के लिए पहुंचे। जहां डॉक्टर ने डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर उनकी डेंगू की जांच कराई। इसमें तीन युवक पॉजिटिव निकले। इसके अलावा ललौरीखेड़ा, सफरपुर और बरखेड़ा के आमडार गांव के रहने वाले मरीजों में भी डेंगू की पुष्टि हुई है।
इसके अलावा शहर के निजी क्लीनिक और निजी लैब पर हुई जांच में नौगंवा, रेलवे कॉलोनी, पौटा कला और बीसलपुर के भगवंतापुर का एक युवक की एनएस-1 कार्ड से हुई जांच में डेंगू के लक्षण पाए गए। अस्तपाल और निजी लैब से सैंपल की सूचना मिलने के बाद मलेरिया की टीम ने मरीजों को ट्रेस करने के बाद डेंगू की फाइनल पुष्टि के लिए उसका सैंपल एलाइजा जांच के लिए लखनऊ भेजा है। उधर टीम को मरीजों के घर भेजकर लार्वा को तलाशा। हालांकि किसी भी मरीज के घर में लार्वा नहीं मिल सका। टीम ने लोगों को जागरूक करने के साथ गांव में दवा का छिड़काव किया।
लखनऊ से आई जांच रिपोर्ट में दस मरीज मिले नेगेटिव
बीते दिनों आठ अक्टूबर को 44 मरीजों के सैंपल लखनऊ जांच के लिए भेजे गए थे। सोमवार को आई जांच रिपोर्ट में दस मरीजों में डेंगू रिपोर्ट निगेटिव आई है। इनमें शहर, पौटा कला, चंदोई, बरखेड़ा के मरीज शामिल है। मलेरिया विभाग के मुताबिक अब सिर्फ 34 मरीजों की जांच रिपोर्ट आना शेष रह गई है।
लखनऊ से दस मरीजों की रिपोर्ट में आई थी। जो नेगेटिव आई है। इसके अलावा सोमवार को डेंगू के दस संदिग्ध मरीज मिले है। इन मरीजों के सैंपल भी जांच को लखनऊ भेजे गए है। कई गांव में कैंप कराकर लार्वा की तलाश करने के साथ दवा का छिड़काव भी कराया गया। – राजीव मौर्या, सहायक जिला मलेरिया अधिकारी
