पीलीभीत: टोकन सिस्टम से ही बिकेगा धान, नहीं चलेगी कोई सिफारिश
पीलीभीत, अमृत विचार। धान खरीद को लेकर इस बार नियम बदल चुका है। किसान पहले ऑनलाइन टोकन जारी करा लें, तभी धान केंद्र पर बिक सकेगा, अन्यथा नहीं। कोई सिफारिश बगैरा काम नहीं आएगी। मंडी समिति पहुंचकर क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण करते हुए डीएम पुलकित खरे ने किसानों से संवाद किया। उन्हें एमएसपी का …
पीलीभीत, अमृत विचार। धान खरीद को लेकर इस बार नियम बदल चुका है। किसान पहले ऑनलाइन टोकन जारी करा लें, तभी धान केंद्र पर बिक सकेगा, अन्यथा नहीं। कोई सिफारिश बगैरा काम नहीं आएगी। मंडी समिति पहुंचकर क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण करते हुए डीएम पुलकित खरे ने किसानों से संवाद किया। उन्हें एमएसपी का लाभ लेने के लिए समय से टोकन लेकर धान केंद्र पर बेचने को जागरूक किया। कमियां मिलने पर अधिकारियों-कर्मचारियों की फटकार भी लगाई गई।
एक अक्टूबर से धान खरीद शुरू हो चुकी है। मगर, अभी तक धान केंद्रों पर कम ही पहुंचा है। जो किसान पहुंच भी रहे हैं, उन्हें नमी अधिक होने की बात कहकर लौटाया जा रहा है।मजबूरी में किसान को अपना धान आढ़तियों, राइस मिलर्स को 1200 -1300 रुपये प्रति क्विंटल में बेचना पड़ रहा। मंगलवार पूर्वाह्न 10 बजे डीएम पुलकित खरे धान खरीद की हकीकत परखन निकले। पहले अमरिया और फिर मंडी समिति जाकर क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। वहां पर कुछ किसान धान लेकर आए थे।
उनका अपने सामने धान खरीद करवाया। नमी भी खुद चेक कराई। केंद्रों पर संसाधन पर्याप्त रखने के निर्देश दिए। इस दौरान मौजूद किसानों से भी बात की। किसानों ने कहा कि अभी धान में नमी है। इसलिए कटाई न करके उसे खेत में सुखा रहे हैं। इस पर डीएम ने उन्हें बताया कि जब तक किसान अपना टोकन ऑनलाइन करवा लें।
बिना टोकन के किसी भी केंद्र पर धान बिक नहीं सकेगा। कोई सिफारिश भी काम नहीं आनी है। अभी से टोकन लें, उसमें आगे की तिथि मिलेगी। जब तक धान कटाई का समय भी आ जाएगा। यहां कुल आठ केंद्रों का निरीक्षण किया। उसके बाद चले गए। यह भी बताया कि उनके अलावा सभी स्थानों पर विशेष अभियान के तहत मजिस्ट्रेट लगाए गए हैं, जोकि औचक निरीक्षण कर रहे हैं। एक किसान ने धान बिक्री को लेकर दिक्कत बताई, उसका भी डीएम ने मौके पर समाधान कराया।
इन्हें खुद नहीं बता, कैसे कराएंगे खरीद
क्रय केंद्रों का निरीक्षण करने के दौरान एक मजिस्ट्रेट से डीएम ने धान खरीद को लेकर तय किए गए नियमों के बारे में बात शुरू की। वह डीएम की बात पर हामी भरते रहे। मगर, डीएम को ये भांपने में समय नहीं लगा कि मजिस्ट्रेट को अभी खुद अधिक जानकारी नहीं है। उन्होंने पहले सिटी मजिस्ट्रेट अरुण कुमार सिंह से कहा कि वह इन्हें पूरी बात समझा दें। वह सिटी मजिस्ट्रेट की बात भी नहीं समझ पाए। सीओ सिटी सुनील दत्त मौजूद थे। फिर डीएम ने ये कहकर बात खत्म कर दी, कि अब तो सीओ सिटी को भी 15 मिनट के निरीक्षण में पता लग गया कि धान खरीद कैसे होगी।
लेखपाल की तय करें जिम्मेदारी
डीएम ने समस्त एसडीएम को निर्देशित किया कि वह अपने लेखपालों को अलर्ट कर दें। लेखपाल गांव-गांव जाकर अपने क्षेत्र में पहले उन किसानों का धान केंद्र पर बिकवाएं, जिनके टोकन जारी हो चुके है। उसके बाद अन्य किसानों के भी टोकन जारी कराएं।यह काम प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए। वरना कार्रवाई तय है।
जनसेवा केंद्र संचालकों संग भी होगी बैठक
धान खरीद को गति देने के लिए टोकन सिस्टम का प्रचार-प्रचार कराने पर जोर दिया है। इसके लिए जन सेवा केंद्र संचालकों संग भी बैठक की जाएगी। इसके अलावा गोष्ठियां भी गांव-गांव कराने के निर्देश दिए हैं।
141 हुई धान क्रय केंद्रों की संख्या
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते दिनों क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रशासन ने इस दिशा में कदम उठाया है। अब कुल 141 क्रय केंद्र संचालित कर दिए गए हैं। उसमें खाद्य विभाग के 30, पीसीएफ 30, यूपीएसएस 38, पीसीयू 33, मंडी 6, खाद्य निगम के 4 क्रय केंद्र स्वीकृत हैं।
धान क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया था। व्यवस्थाएं दुरुस्त मिली है। धान खरीद को दशहरा के बाद गति मिलेगी। अभी धान में नमी होने की वजह से कटाई भी कम है। टोकन सिस्टम के बिना खरीद नहीं होगी। लेखपालों की भी जिम्मेदारी तय कर दी है। – पुलकित खरे, डीएम
