रामपुर: अवैध खनन की ट्रैक्टर ट्राली छोड़ने को तीस हजार की रिश्वत लेने में महिला लेखपाल निलंबित
रामपुर, अमृत विचार। जिले में अवैध खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। खनन रोकने के लिए गठित राजस्व टीम के सदस्य ही खनन माफिया से वसूली में संलिप्त पाए जा रहे हैं। तहसील सदर में अवैध खनन की ट्रैक्टर ट्राली को छोड़ने के लिए एक महिला लेखपाल ने तीस हजार रुपये की रिश्वत …
रामपुर, अमृत विचार। जिले में अवैध खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। खनन रोकने के लिए गठित राजस्व टीम के सदस्य ही खनन माफिया से वसूली में संलिप्त पाए जा रहे हैं। तहसील सदर में अवैध खनन की ट्रैक्टर ट्राली को छोड़ने के लिए एक महिला लेखपाल ने तीस हजार रुपये की रिश्वत लेकर रख ली। इस मामले की शिकायत होने पर डीएम ने जांच कराई तो लेखपाल की संलिप्तता पाई गई। इस मामले आरोपी महिला लेखपाल रिचा सक्सेना को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही सदर तहसील से हटाने की संस्तुति कर दी है।
बता दें कि जिलाधिकारी के निर्देश पर अवैध खनन/परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए राजस्व टीम प्रभारी तहसीलदार सदर ने तहसील सदर क्षेत्र में भ्रमण के दौरान अवैध खनन/परिवहन में संलिप्त एक ट्रैक्टर ट्राली पकड़ी थी। इस ट्राली को छुड़वाने के लिए मलकीत पुत्र रंजीत सिंह निवासी कुईखेड़ी थाना गदरपुर उधमसिंहनगर रुद्रपुर ने चार अक्टूबर को ट्रैक्टर ट्राली छुड़वाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था।
पत्र में उल्लिखित किया गया कि ग्राम कुकड़ीखेड़ा के हनीफ नाम के व्यक्ति ने लेखपाल सदर रिचा सक्सैना से मिलवाने और ट्रैक्टर ट्राली छुड़वाने के लिए 30 हजार रुपये की मांग की गई। जोकि मलकीत ने रिचा सक्सैना लेखपाल को दिए थे। संज्ञान में आने के बाद एसडीएम सदर मनीष मीणा ने प्रकरण की जांच करने के लिए तहसीलदार सदर को जांच अधिकारी नामित किया।
प्रार्थना पत्र के साथ संलग्न पत्रों व शिकायतकर्ता के बयानों तथा मौके की स्थिति व जांच अधिकारी की जांच आख्या से स्पष्ट हुआ कि लेखपाल रिचा सक्सैना ने शिकायतकर्ता से तीस हजार रुपये की मांग करने एवं उक्त प्रकरण में संलिप्तता पाए जाने की प्रथम दृष्टया पुष्टि हुई। रिचा सक्सैना के इस मामले में संलिप्त पाए जाने के कारण लेखपाल क्षेत्र तालबपुर तहसील सदर रामपुर को निलम्बित कर दिया गया। उनते विरुद्ध विभागीय कार्यवाही शुरू की गई है, तथा जनहित एवं शासकीय हित में तहसील सदर से अन्य तहसील में स्थानान्तरण के लिए जिलाधिकारी को भेजी गई है।
लेखपाल रिचा सक्सेना ने खनन की ट्रैक्टर ट्राली छोड़ने के लिए तीस हजार रुपये लिए। जांच में संलिप्तता पाए जाने पर निलंबित कर दिया गया है। विभागीय कार्रवाई भी की जा रही है। साथ ही उच्चाधिकारियों को बदनाम करने के लिए उनके नंबर भी शिकायतकर्ता को दे दिए थे। अवैध खनन मामले में लिप्त कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश हैं। -मनीष मीणा, एसडीएम सदर
जिले में अवैध खनन के मामले बड़े, पुलिस प्रशासन की ढिलाई
जिले में अवैध खनन क मामले लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन शासन के निर्देश पर बनाई गई तहसीलों की राजस्व टीमें कार्रवाई करने के बजाए आरोप प्रत्यारोपों में घिरती जा रही हैं। जहां एक लेखपाल को 30 हजार रुपये वसूलने और खनन का वाहन छोड़ने में निलंबित किया गया है। वहीं दो दिन पहले मसवासी में राजस्व टीम के साथ एसडीएम और खनन अधिकारी की मौजूदगी में खनन माफिया पकड़े गए खनन के ट्रक को ही भगाकर ले गया था।
अकबराबाद में कैसे रुकेगा अवैध खनन
टांडा थाना क्षेत्र की दढ़ियाल चौकी क्षेत्र के गांव अकबराबाद में अवैध खनन नहीं रुका है। यहां दो गुट हैं। एक सरदारों का गुट है, जिसे एक मंत्री का संरक्षण प्राप्त है। दूसरा गुट भी है जोकि पेशेवर खनन माफिया हैं। दोनों खुलेआम अवैध खनन करा रहे हैं। कुछ अवैध स्टोन क्रेसर भी यहां हैं, अभी तक किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने यहां छापा मारने की हिम्मत नहीं जुटाई है। पिछले वर्षों में यहां एक खनन अधिकारी पर हमला भी हो चुका है। लिहाजा डर के मारे किसी अधिकारी की हिम्मत यहां छापा मारने की नहीं होती है। पिछले दिनों यहीं हो रहे अवैध खनन की वीडियो मुख्यमंत्री के ट्वीटर हैंडल पर डाली गई थी।
पट्टीकलां-घोसीपुरा से मदारपुर तक जमकर खनन
जिले में कोसी नदी में इन दिनों जमकर अवैध खनन हो रहा है। उत्तराखंड के बार्डर पट्टीकलां-घोसीपुरा से लेकर पटवाई के पास मदारपुर तक जमकर अवैध खनन हो रहा है। फोर वाई फोर के ट्रैक्टर के साथ ही जेसीबी भी चलाई जा रही हैं। लेकिन प्रशासन कार्रवाई करने के बजाए हुनर हाट की तैयारियों में व्यस्त दिखाई दे रहा है। पुलिस के अधिकारी भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
