बरेली: निर्माण विभाग में भ्रष्टाचार के बाद निशाने पर आए चीफ इंजीनियर

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। नगर निगम में निर्माण विभाग और लेखा विभाग के दो अधिकारियों के नाम भ्रष्टाचार के मामलों में जुड़ने के बाद एक बार फिर से घमासान बढ़ गया है। इस बार मेयर ने मुख्य अभियंता बीके सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए यह पूरा प्रकरण नगर विकास मंत्री को पत्र लिखकर पहुंचा दिया …

बरेली, अमृत विचार। नगर निगम में निर्माण विभाग और लेखा विभाग के दो अधिकारियों के नाम भ्रष्टाचार के मामलों में जुड़ने के बाद एक बार फिर से घमासान बढ़ गया है। इस बार मेयर ने मुख्य अभियंता बीके सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए यह पूरा प्रकरण नगर विकास मंत्री को पत्र लिखकर पहुंचा दिया है। इसमें निर्माण विभाग के टेंडर घोटालों की शिकायतों में मुख्य अभियंता को हटाने की सिफारिश करते हुए प्रकरण की जांच की मांग की है। इस मामलों के खुलासों और उनके तूल पकड़ने के बाद अब नगर निगम के अधिकारियों की मुश्किलें और भी बढ़ती जा रही हैं।

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में करोड़ों के टेंडरों की शिकायतें शासन तक पहले ही कर चुके मेयर उमेश गौतम अब फिर से गड़बड़ी के मामलों को लेकर मोर्चा खोलने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि नगर निगम में जो कुछ चल रहा है, उसे लेकर उन्होंने शासन तक कड़ी लिखा-पढ़ी शुरू की है ताकि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों का खुलासा होने के साथ इन मामलों में कड़ी कार्रवाई हो सके। शहर में स्मार्ट सिटी के तहत करीब 1800 करोड़ के काम चल रहे हैं।

इसमें सड़क, पार्कों के सौंदर्यीकरण, ट्रिपल सी के तहत शहर में करीब नौ सौ सीसीटीवी कैमरों को लगाने सहित तमाम दूसरे काम चल रहे हैं। मेयर ने इसमें से तमाम कामों के टेंडरों में घपलेबाजी आदि को लेकर शासन तक शिकायत की थी। इसे लेकर मंडलायुक्त स्तर से जांच कराई जा रही है। इस बीच एक शिकायत पूर्व पार्षद राजेश तिवारी ने मुख्यमंत्री के नाम 4 अगस्त 2021 को भेजी थी। इसमें नगर निगम के लेखा विभाग और निर्माण विभाग को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

इन मामलों का शासन स्तर तक संज्ञान लेने के बाद लखनऊ से एंटी करप्शन ने इन बिंदुओं पर प्रशासनिक स्तर से जांच आख्या मांगी है। इसके बाद से नगर निगम के अधिकारियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है। इधर मेयर ने 11 अक्टूबर 2021 को नगर विकास मंत्री को नगर निगम में चल रहे घपले-घोटालों के खेल को पहुंचाते हुए कड़ी चिट्ठी भेजी, जिसमें मुख्य अभियंता बीके सिंह को नगर निगम से हटाए जाने की सिफारिश की गई है।

भुगतान लटकने से कई ठेकेदारों ने बीच में छोड़ दिए काम
विकास कार्यों के करोड़ों के कामों के वर्क ऑर्डर जारी होने के बावजूद बड़ी संख्या में कामों के भुगतान लटक गए। पूर्व पार्षद राजेश तिवारी की ओर से भेजे गए शिकायती पत्र में यह खुलासा किया गया था कि बजट पास करने के एवज में वसूली की जा रही है। मेयर ने नगर विकास मंत्री को अवगत कराया है कि ठेकेदारों का भुगतान लटकने की वजह से बड़ी संख्या में ठेकेदारों ने बीच में ही काम छोड़ दिया है।

मुख्य अभियंता द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार से निर्माण कार्य बड़े पैमाने पर प्रभावित हुए हैं। उन्हें यहां से स्थानांतरित करने और गड़बड़ी के मामलों में कार्रवाई करने के लिए नगर विकास मंत्री से पैरवी की है। -डॉ. उमेश गौतम, मेयर

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