पीलीभीत: पुलिस ने हटवाया देवी जागरण के लिए लगा पंडाल, श्रद्धालुओं में नाराजगी

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Edited By Amrit Vichar
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पीलीभीत, अमृत विचार। नवरात्र को लेकर हर साल की तरह गौहनिया चौराहा पर देवी जागरण कराने की श्रद्धालुओं की ओर से तैयारी चल रही थी। पंडाल भी लगाया जा चुका था। मगर अचानक सुनगढ़ी पुलिस पहुंची और बिना अनुमति आयोजन की बात कहते हुए इसे हटवा दिया। श्रद्धालुओं ने विरोध किया तो उन्हें बंद करने …

पीलीभीत, अमृत विचार। नवरात्र को लेकर हर साल की तरह गौहनिया चौराहा पर देवी जागरण कराने की श्रद्धालुओं की ओर से तैयारी चल रही थी। पंडाल भी लगाया जा चुका था। मगर अचानक सुनगढ़ी पुलिस पहुंची और बिना अनुमति आयोजन की बात कहते हुए इसे हटवा दिया। श्रद्धालुओं ने विरोध किया तो उन्हें बंद करने की भी धमकी दे डाली।

पुलिस के व्यवहार से गुस्साए लोग सदर विधायक के पास पहुंचे और शिकायत की। मगर उसके बाद भी बात नहीं बन सकी। कुछ दूरी पर जागरण कराने की बात कह दी गई। पूरे दिन इसे लेकर विरोध चलता रहा। अधिकारियों से भी शिकायत की गई, मगर हर कोई एक दूसरे पर टाल गया। कार्यक्रम स्थल बदले जाने से नाराज श्रद्धालुओं ने सुनगढ़ी पुलिस और शहर विधायक दोनों के खिलाफ नाराजगी जताई।

स्थानीय लोगो ने बताया कि करीब डेढ़ दशक से गौहनिया चौराहा से माधोटांडा की तरफ जाने वाले मार्ग पर नवरात्र में देवी जागरण कराया जाता है। पिछले साल कोरोना संक्रमण की वजह से आयोजन नहीं हो सका था। इस बार संक्रमण की रफ्तार थमी तो परंपरागत तरीके से जागरण कराने की तैयारी शुरू कर दी गई थी। ये जागरण स्थानीय लोग मिलकर कराते हैं। यहां पर टेंट लगाकर मूर्तियां रख दी गई थी। बुधवार रात को ही जागरण होना था। ऐसे में श्रद्धालु जुटे हुए थे।

आरोप है कि पूर्वान्ह करीब 11 बजे सुनगढ़ी पुलिस मौके पर पहुंची और बिना अनुमति जागरण कराए जाने की बात कहते हुए पंडाल हटाने को कह दिया। काफी देर तक बातचीत चली। जब विरोध किया तो पुलिस ने गिरफ्तारी का डर दिखाकर जबरन पंडाल हटवाया। गुस्साए लोग पुलिस की शिकायत लेकर सदर विधायक संजय सिंह गंगवार के पास पहुंच गए। बताते हैं कि कुछ देर बाद विधायक मौके पर भी आए। पुलिस भी मौजूद थी। उसके बाद पंडाल कुछ दूरी पर लगाए जाने पर सहमति बन गई।

मगर इस बात का पता लगते ही लोग शाम को दोबारा बिफर गए। उनका कहना था कि सालों से जिस स्थान पर देवी जागरण करते आ रहे हैं, वहीं पर आयोजन होना चाहिए। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से भी शिकायत की गई।मगर, हर कोई एक दूसरे पर टालता। विभिन्न हिंदू संगठनों से जुड़े नेता भी पहुंचे और नाराजगी जताते रहे। फिलहाल दिन भर चले हंगामे के बाद भी कोई हल नहीं निकल सका।

गौहनिया चौराहा के पास देवी जागरण के आयोजन की अनुमति को लेकर विवाद की सूचना मिली थी।इसे गंभीरता से लेते हुए निस्तारित करा दिया गया है।अब किसी तरह का कोई विवाद नहीं है। – अरुण कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट

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