बरेली: प्रवासी पक्षियों की मेहमान नवाजी के लिए तैयार वन विभाग

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बरेली, अमृत विचार। जिले में जल्द ही प्रवासी पक्षियों की चहल-पहल बढ़ने वाली है। पोखर और नदियां प्रवासी पक्षियों से गुलजार होंगे। शारदीय नवरात्र खत्म होते ही पक्षियों का पड़ाव पोखरों पर शुरू हो जाता है। लिहाजा वन विभाग के अधिकारी उनकी मेहमानवाजी की तैयारी करने में जुटे हैं। बरेली समेत पूरे रुहेलखंड जोन में …

बरेली, अमृत विचार। जिले में जल्द ही प्रवासी पक्षियों की चहल-पहल बढ़ने वाली है। पोखर और नदियां प्रवासी पक्षियों से गुलजार होंगे। शारदीय नवरात्र खत्म होते ही पक्षियों का पड़ाव पोखरों पर शुरू हो जाता है। लिहाजा वन विभाग के अधिकारी उनकी मेहमानवाजी की तैयारी करने में जुटे हैं। बरेली समेत पूरे रुहेलखंड जोन में पक्षियों की निगरानी के लिए तैयारी की जा रही हैं। पोखरों आदि के आसपास इलाकों में पक्षी मित्र भी बनाए जाएंगे जिससे प्रवासी पक्षियों की सही तरह से देखभाल की जा सके।

वन विभाग के रिकार्ड के मुताबिक बरेली में रामगंगा के आसपास 15 से 20 जगह पोखर हैं जहां प्रवासी पक्षियों को देखा जाता है। इसके अलावा अखा और भोजीपुरा गांव में तालाब हैं जहां बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों का आगमन होता है। मीरगंज में रामगंगा नदी किनारे भी प्रवासी पक्षी रंग-बिरंगे देखे जा सकते हैं।

इफ्को आंवला झील में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी नवंबर से आ जाते हैं, जो फरवरी तक यहां रहते हैं। इनका आगमन हिमालय, तिब्बत, श्रीनगर, यूरोप, एशिया, आस्ट्रेलिया, मलेशिया, साइबेरिया, चीन, लद्दाख, तिब्बत आदि जगह से होता है। करीब पांच महीने तक 100 से अधिक प्रजातियों का डेरा रहता है। इनमें ब्लैक आइज, येलो लांग टेल, स्पाट विल्ड डक, ब्लैक डक, रेड क्रस्टेड पोचर्ड, ग्रे लेग गूस, ब्राउन काक, बार हेडेड गूस, टस्टेड डक, कामन टेल, पिन टेल, ब्राम्हमनी डक, कूट, पिकाक हेन, रेड लेग आदि शामिल हैं।

मुख्य वन संरक्षक ललित कुमार वर्मा ने बताया कि ठंड का मौसम शुरू होते ही प्रवासी पक्षियों का आगमन होता है। उनकी निगरानी के लिए रेंजर्स के नेतृत्व में टीमें बनाई जाएंगी।

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