बरेली: पस्तौर में फैला बुखार, घर-घर में बीमार
बरेली, अमृत विचार। सीबीगंज से दो किलोमीटर दूर पस्तौर गांव के लोगों को बुखार ने जकड़ लिया है। यहां घर-घर में बीमार हैं। बावजूद, स्वास्थ्य विभाग लापरवाही बरत रहा है। अधिकारियों को गांव में बुखार फैलने की जानकारी तक नहीं है। ऐसे में गांव में अब तक स्वास्थ्य विभाग ने शिविर तक नहीं लगाया है …
बरेली, अमृत विचार। सीबीगंज से दो किलोमीटर दूर पस्तौर गांव के लोगों को बुखार ने जकड़ लिया है। यहां घर-घर में बीमार हैं। बावजूद, स्वास्थ्य विभाग लापरवाही बरत रहा है। अधिकारियों को गांव में बुखार फैलने की जानकारी तक नहीं है। ऐसे में गांव में अब तक स्वास्थ्य विभाग ने शिविर तक नहीं लगाया है ताकि बीमारी को फैलने से रोका जा सके। लोगों में बीमारी का डर इस कदर है कि जैसे ही परिवार का एक सदस्य ठीक होता है, वैसे ही दूसरा सदस्य बुखार से तपने लगता है। अमृत विचार ने शुक्रवार को जाकर स्थिति देखी तो हालात वाकयी काफी चौंकाने वाले दिखे।
संचारी रोगों के प्रकोप से अलर्ट के चलते प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का ज्यादातर ध्यान शहर पर है, मगर ग्रामीण इलाकों में हालात ज्यादा बदतर हैं। सीबीगंज से मात्र दो किलोमीटर दूर पस्तौर गांव में कई घरों के लोगों का दो से तीन सप्ताह से बुखार नहीं उतरा है। ग्रामीणों के अनुसार उनके घर में पिछले एक महीने से अधिकांश लोग बुखार से परेशान हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में मच्छरों का भी प्रकोप है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में एक महीने से कोई शिविर लगाकर जांच नहीं की और न ही एंटी लार्वा साइट का छिड़काव कराया। इससे लोगों में असंतोष है।
50 से ज्यादा हो चुके अस्पताल में भर्ती
ग्रामीणों ने बताया कि एक महीने में गांव के 50 से ज्यादा लोग अस्पतालों में भर्ती हो चुके हैं। अब भी कई लोगों को सरकारी और प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है। इलाज कराने में लोगों का खूब पैसा भी खर्च हो रहा है।
बीमारी का शिकार बच्चे भी, नहीं जा पा रहे स्कूल
गांव की महिलाओं ने बताया कि डेंगू, मलेरिया की कभी जांच नहीं हुई। ऐसे में पता पता नहीं कि वास्तव में कौन सी बीमारी की चपेट में लोग हैं। कई बच्चे भी बीमार पड़े हैं। ऐसे में वह स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। इससे पढ़ाई प्रभावित है।
कई दिनों से जलभराव
पस्तौर गांव नगर निगम में आता है। ग्रामीणों के अनुसार कई दिनों से जलभराव की स्थिति है। कई बार नगर निगम में शिकायत करने के बाद भी पानी का भराव खत्म करने के लिए कुछ नहीं किया गया है। जलभराव के कारण मकानों की नींव तक कमजोर हो रही है। मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। बताया कि फॉगिंग करने के लिए कर्मचारी महीनों से यहां नहीं आए हैं। गांव से गुजरने वाला नाला भी चोक और खुला हुआ है। इस कारण बदबू और मच्छरों से लोग परेशान हैं। कई और नाले भी खुले हुए हैं जिनमें दूर से ही मच्छरों का लार्वा दिखाई देता है।
गांव की ज्यादातर आबादी बुखार से कराह रही है जो लोग बीमारी से बचे हैं, उन्हें डर बैठ गया है। मैं अभी खुद बुखार से ठीक हुई तो बच्चे को बुखार आ गया। -नन्हीं देवी, पस्तौर निवासी
गांव में बीमारी फैले हुए एक महीने से ज्यादा हो गया। आसपास से दवा ले लेते हैं तो असर भी नहीं होता। बहुत समस्या है। गांव में स्वास्थ्य विभाग का शिविर लगना चाहिए। -गौरव उपाध्याय, पस्तौर निवासी
पिछले एक महीने में 50 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं। अब भी कई लोगों का इलाज चल रहा है। स्थिति बहुत खराब है। कई परिवारों में ज्यादातर लोग बीमार पड़े हुए हैं। -वीरपाल सिंह लोधी, पस्तौर निवासी
घर-घर लोग बीमार हैं। आज तक स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर जांच करने के लिए नहीं आई है। न ही डेंगू, मलेरिया से बचाव के लिए छिड़काव हुआ है। -नत्थो देवी, पस्तौर निवासी
गांव में बुखार फैलने की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो स्वास्थ्य विभाग की टीम को मौके पर भेजा जाएगा। जांच-पड़ताल कराने के साथ-साथ डेंगू-मलेरिया की जांचें भी करवाई जाएंगी। साथ ही एंटी लार्वा साइट का भी छिड़काव होगा। -डा. बलवीर सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी।
गांव में फैले बुखार की जानकारी को लेकर नगर निगम की ओर से एंटी लार्वा साइट का छिड़काव कराया जाएगा। साथ ही सफाई नायक से कहकर गांव में सफाई कराई जाएगी। -अफरोज, पार्षद, वार्ड 59
पस्तौर गांव में मौसम बदलने के चलते ग्रामीणों को वायरल बुखार हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से ग्रामीणों की लगातार डेंगू, मलेरिया की जांच कराई जा रही है। हालांकि, अभी तक किसी मरीज में डेंगू व मलेरिया की पुष्टि नहीं हुई है। -डा. मधु गुप्ता, यूपीएचसी सीबीगंज
