पीलीभीत: जहानाबाद क्षेत्र में चोरों का आतंक, सुरक्षा इंतजाम धड़ाम…चोर बेलगाम

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

पीलीभीत, अमृत विचार। सुरक्षा इंतजाम को बेहतर बनाने वाली पुलिस चोरों के हाईटेक अंदाज के आगे बेबस नजर आ रही है। पुरानी घटनाओं का खुलासा करने में पुलिस सफल हो नहीं है। साथ ही नई घटनाओं काे राेकने में भी प्लानिंग काम नहीं आ रही। बीते एक माह से जहानाबाद क्षेत्र को चोरों ने निशाने …

पीलीभीत, अमृत विचार। सुरक्षा इंतजाम को बेहतर बनाने वाली पुलिस चोरों के हाईटेक अंदाज के आगे बेबस नजर आ रही है। पुरानी घटनाओं का खुलासा करने में पुलिस सफल हो नहीं है। साथ ही नई घटनाओं काे राेकने में भी प्लानिंग काम नहीं आ रही। बीते एक माह से जहानाबाद क्षेत्र को चोरों ने निशाने पर ले रखा है। पुरानी घटनाओं को पुलिस दबाकर कार्रवाई भूल गई। नतीजतन बेखौफ चोरों ने इस बार ललौरीखेड़ा पुलिस चौकी से एक किमी दूर फौजी के मकान में दस्तक दे डाली। दीवार फांदकर घुसे चोर कमरे में पहुंचे और नकदी-जेवरात समेत एक लाख कीमत का सामान समेट ले गए।

हर बार की तरह पुलिस ने मौका मुआयना कर औपचारिकता निभाई और रटे रटाए जल्द खुलासे के बयान देकर चलती बनी। उधर, सिलसिलेवार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में चोरों की दहशत बनी हुई है।

जहानाबाद थाना क्षेत्र के ललौरी गांव निवासी राजेश सिंह फौजी हैं। उनकी दिल्ली में तैनाती है। कुछ दिन पहले ही अवकाश पर घर आए थे। रोज की तरह शुक्रवार रात करीब साढ़े आठ बजे खाना खाकर परिवार समेत कमरे में सोने चले गए। दूसरे कमरे में बहन सो रही थी। देर रात चोर मकान में प्रवेश कर गए। इसके बाद कमरे में पहुंचकर चोरों ने सामान खंगाल दिय। एक बैग में रखे सोने के जेवर, छह हजार रुपये चोरी कर लिए। शनिवार तड़के जागने पर घटना का पता चला तो होश उड़ गए।

चोरी का शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण जमा हो गए। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। ललौरीखेड़ा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और जानकारी जुटाई। मगर, कार्रवाई औपचारिकताओं में सिमटी रही। उसके बाद पुलिस वही पुराने जल्द खुलासे के बयान देकर लौट रही। ग्रामीणों ने पुलिस से गश्त बढ़ाने की भी मांग की है। इंस्पेक्टर केके वर्मा ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है।

अफसर खुद नहीं संजीदा.. मातहत क्यों करें कार्रवाई
चोरी की घटनाएं रोकने में थाना स्तर पर पुलिस की असफलता के पीछे अफसर भी कम जिम्मेदार नहीं है। लंबे समय से चोरी की घटनाओं पर पुलिस लापरवाह नजरिया बरत रही है। मानों चोरी को अपराध ही न मानती हो। आलम ये है कि घटना खुल गई तो गुडवर्क मानकर पीठ थपाई जा रही है, वरना संदेह के नाम पर घटना काे शुरुआत में टाला और अंत में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई।

जहानाबाद क्षेत्र में इसी माह कई बड़ी घटनाएं हुई थी। चोर लाखों का सामान समेटकर ले गए। मगर, पुलिस एफआईआर दर्ज करने से अधिक कुछ नहीं कर सकी। दोबारा सुरागरसी को झांकने तक नहीं पहुंची। अधिकारियों की भी इस ओर कोई सख्ती नहीं। नतीजतन अधिकांश वारदातों को एफआर लगाकर दबा दिया गया।

कहीं भी कर लो शिकायत.. नतीजा शून्य
चोरी की घटनाओं के संदेहास्पद खुलासे और फाइनल रिपोर्ट लगाने के पुलिस के खेल की शिकायत करने तो तमाम हेल्पलाइन नंबर और अफसर तैनात है। मगर, उनसे शिकायत करने के बाद कुछ खास होने वाला नहीं है। सुनगढ़ी क्षेत्र के मोहल्ला इनायतगंज की एक महिला ने बताया कि उनके बंद मकान में पिछले साल चोरी हुई थी। इसकी सूचना पर जब पुलिस पहुंची तो उनके ससुर को ही धमकाने लगी कि मकान बंद करके क्यों चले गए? उसके बाद जैसे-तैसे एफआईआर दर्ज कराई।

बिना बरामदगी के ही पुलिस ने कागजों में हस्ताक्षर करा लिए। उसके बाद पता चला कि खुलासा भी हो गया। पांच लाख की चोरी में एक रुपये की बरामदगी न हो सकी। मुख्यमंत्री पोर्टल से लेकर एसपी तक कई बार शिकायत की। मगर, निस्तारण भी फर्जी दर्शा दिया गया। सब गोलमाल है।

संबंधित समाचार