पीलीभीत: सरकारी धान खरीद में माफिया तंत्र हावी- हेमराज वर्मा
पीलीभीत, अमृत विचार। अखिलेश सरकार में पूर्व खाद्य एवं रसद मंत्री रहे हेमराज वर्मा ने अचानक मंडी पहुंचकर धान क्रय केंद्रों का हाल देखा। किसानों के बीच उन्होंने कहा कि योगी सरकार समर्थन मूल्य पर किसानों से धान खरीद के झूठे दावे कर रही है। जमीनी हकीकत देखें तो किसानों की मेहनत की लूट जारी …
पीलीभीत, अमृत विचार। अखिलेश सरकार में पूर्व खाद्य एवं रसद मंत्री रहे हेमराज वर्मा ने अचानक मंडी पहुंचकर धान क्रय केंद्रों का हाल देखा। किसानों के बीच उन्होंने कहा कि योगी सरकार समर्थन मूल्य पर किसानों से धान खरीद के झूठे दावे कर रही है। जमीनी हकीकत देखें तो किसानों की मेहनत की लूट जारी है। सरकारी तंत्र और बिचौलियों की साँठ-गाँठ से किसान अपना धान 1200 रुपये प्रति क्विंटल बेचने पर मजबूर है। सरकारी धान खरीद में पूरी तरह माफिया तंत्र हावी है।
मंडी में धान खरीद की दुर्दशा पर चर्चा करते हुए पूर्व खाद्य एवं रसद मंत्री ने कहा कि किसानों को अपने धान का सही दाम नहीं मिलने से परिवार पालना मुश्किल हो गया है। कहा कि एक अक्टूबर से सरकारी क्रय केंद्रों पर धान खरीद शुरू होनी थी। मगर, 15 दिन बाद भी पीलीभीत मण्डी के क्रय केंद्रों पर मात्र 4300 क्विंटल की सरकारी खरीद हो पाई है।
जबकि यहीं के आढ़ती 1.5 लाख क्विंटल धान की खरीद कर चुके हैं। यह आँकड़े मण्डी में कुल आवक से कई गुना ज्यादा हैं। इस हिसाब से देखा जाए तो सरकारी क्रय केंद्रों पर एमएसपी पर धान खरीद का औसत मात्र ढाई से तीन प्रतिशत ही है जबिक 97 प्रतिशत धान की खरीद आढ़ती औने-पौने दाम पर कर चुके हैं।
पूर्व मंत्री ने बताया कि किसान ने उनसे शिकायत की कि वह अपना धान 870 से 1200 में प्रति क्विंटल बेचने के लिए मजबूर हैं। उन्हें सरकारी खरीद रेट 1940 रुपये प्रति क्विंटल मिलना चाहिए। दलाल और बिचौलिए प्रति क्विंटल की खरीद में 700 से 1100 रुपये तक का मुनाफा कमाकर किसानों की गाढ़ी कमाई लूटने में लगे हैं।
