हरदोई: दुष्कर्म के मामले में अभियुक्त को कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा
हरदोई। विशेष सत्र न्यायाधीश दीपक यादव ने, नाबालिग से दुष्कर्म करने के मामले में आरोपि को दोषसिद्ध घोषित करते हुए भारतीय दंड संहिता एवं पाक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं में एक लाख रुपए के अर्थदंड के साथ आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे विशेष लोक …
हरदोई। विशेष सत्र न्यायाधीश दीपक यादव ने, नाबालिग से दुष्कर्म करने के मामले में आरोपि को दोषसिद्ध घोषित करते हुए भारतीय दंड संहिता एवं पाक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं में एक लाख रुपए के अर्थदंड के साथ आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक मनीष श्रीवास्तव के अनुसार वादी मुकदमा मो. शकील का सगा बहनोई गुडडू पुत्र शकील निवासी मोहल्ला मंडई थाना सण्डीला जो मुंबई में रह कर व्यवसाय करता है। 28 मई 2019 को अभियुक्त वादी के घर आया था।
अभियुक्त गुडडू ने वादी के घर पर रहने के दौरान वादी की 14 वर्षीय पुत्री के साथ डरा धमकाकर अनेक बार दुष्कर्म किया। जिससे किशोरी गर्भवती हो गई। यही नहीं इसकी जानकारी होने पर गुड्डू ने पीड़िता को गर्भपात की दवा भी खिला दी जिससे गर्भपात के साथ-साथ पीड़िता की तबियत खराब हो गई। तबियत ज्यादा खराब होने पर वादी ने 24 जुलाई 2019 को पुत्री से जब पूछा तो उसने सारी बात बताई। इस बारे में बात करने पर अभियुक्त वादी को मारने पर उतारू हो गया।
घटना की रिपोर्ट एक अगस्त 2019 को दर्ज कराई गई। पुलिस द्वारा आरोपपत्र प्रेषित करने के बाद मामला सत्र सुपुर्द होने पर वादविचारण एवं विशेष लोक अभियोजक मनीष श्रीवास्तव एवं न्याय मित्र के तर्कों को सुनने के बाद पीठासीन न्यायाधीश ने अभियुक्त को जीवनभर आजीवन कारावास की सजा के साथ एक लाख रुपए जुर्माना देने का आदेश दिया और अर्थदंड में से आधी धनराशि पीड़िता को देने भी आदेश दिया।
