लखनऊ: सीएम आवास के सामने किसान ने किया आत्मदाह का प्रयास, जानें मामला

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ। एडीएम कोर्ट ने किसान के पक्ष में आदेश जारी कर दिया। यह आदेश खतौनी में चढ़ाने के लिए लेखपाल ने किसान ने 90 हजार रुपये रिश्वत भी ले ली। फिर भी उसके नाम नहीं किया। किसान डीएम के पास पहुंचा तो उसे वहां से भी राहत नहीं मिली, जांच की जानकारी लेखपाल को मिली …

लखनऊ। एडीएम कोर्ट ने किसान के पक्ष में आदेश जारी कर दिया। यह आदेश खतौनी में चढ़ाने के लिए लेखपाल ने किसान ने 90 हजार रुपये रिश्वत भी ले ली। फिर भी उसके नाम नहीं किया। किसान डीएम के पास पहुंचा तो उसे वहां से भी राहत नहीं मिली, जांच की जानकारी लेखपाल को मिली तो वह किसान को मुकदमे में फंसाने की धमकी देने लगा।

ऐसे में परेशान गोंडा निवासी किसान निर्भयराम उपाध्याय ने जान देने का फैसला कर लिया। मंगलवार सुबह सात बजे वह मुख्यमंत्री आवास के बाहर पहुंचे और खुद पर पेट्रोल डालकर जलाने का प्रयास करने लगा। ऐसे में सीएम आवास के सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह उसे रोक लिया। उसके बाद किसान को गौतमपल्ली थाने में लाया गया। जिसके बाद गोंडा प्रशासन से बात की। इसके बाद एसडीएम कर्नलगंज हीरालाल ने घूस लेने के आरोप में लेखपाल बसंतलाल गौतम को निलंबित कर मामले की जांच तहसीलदार को सौंपी गई है।

कर्नलगंज तहसील के ग्राम पिपरीमाझा निवासी निर्भयराम उपाध्याय से जब सुरक्षाकर्मियों ने ऐसा करने की वजह पूछी तो उन्होंने अपनी सारी पीड़ा कह सुनाई। किसान ने बताया कि जमीन के बंटवारे को लेकर नौ जनवरी 1992 को एसडीएम न्यायालय से आदेश पारित हुआ था, लेकिन ये आदेश खतौनी पर नहीं चढ़ा। कुछ माह पूर्व जब उन्हें अभिलेख की जरूरत हुई तो लेखपाल से संपर्क किया। लेखपाल ने अभिलेख में आदेश दर्ज करने के लिए छह किस्तों में उनसे 90 हजार रुपये ले लिए लेकिन आदेश दर्ज नहीं किए। परेशान होकर उन्होंने 27 सितंबर को जनता दर्शन में डीएम से शिकायत की। इसके बाद मामले की जांच एसडीएम को सौंपी गई थी। जब इसकी जानकारी लेखपाल को हुई तो उन्होंने कार्य न करने की बात कहते हुए पैसा मांगने पर अभिलेख फाड़कर फर्जी मुकदमे फंसाने की धमकी दी।

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