बरेली: कच्चा-पक्का मकान क्षतिग्रस्त होने पर मुआवजा 95100 रुपये

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बरेली, अमृत विचार। राज्य सरकार ने अतिवृष्टि से कच्चे-पक्के मकानों के पूर्णतय: क्षतिग्रस्त होने के मामले में पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद देने के लिए मुआवजे की धनराशि निर्धारित कर दी है। मकान पक्का गिरे या कच्चा। पीड़ित परिवार को 95100 रुपये आर्थिक मदद के रूप में दी जाएगी। इसके साथ ही कम क्षतिग्रस्त हुए …

बरेली, अमृत विचार। राज्य सरकार ने अतिवृष्टि से कच्चे-पक्के मकानों के पूर्णतय: क्षतिग्रस्त होने के मामले में पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद देने के लिए मुआवजे की धनराशि निर्धारित कर दी है। मकान पक्का गिरे या कच्चा। पीड़ित परिवार को 95100 रुपये आर्थिक मदद के रूप में दी जाएगी। इसके साथ ही कम क्षतिग्रस्त हुए कच्चे-पक्के मकान पर भी 95100 रुपये आर्थिक मदद देने का प्रावधान रखा गया है। आंशिक रूप से पक्का मकान (झोपड़ी) के अतिरिक्त जहां पर भी नुकसान कम से कम 15 प्रतिशत हुआ है।

उसमें पीड़ित को 5200 रुपये आर्थिक मदद मिलेंगे। जबकि कच्चा मकान को नुकसान पहुंचने पर 3200 रुपये मिलेंगे। फूस, मिट्टी, प्लास्टिक शीट आदि से बने अस्थायी कच्चे मकानों के क्षतिग्रस्त होने पर 4100 रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी। पशुशाला के क्षतिग्रस्त होने पर 2100 रुपये मदद मिलेगी। इस संबंध में राहत आयुक्त रणवीर प्रसाद की ओर से शासनादेश जारी कर दिया गया है। राज्य सरकार ने बारिश से हुए नुकसान की ग्राउंड रिपोर्ट मांगी है।

जिला प्रशासन ने रिपोर्ट एकत्र करने के लिए तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं कि वे क्षतिग्रस्त मकानों की स्थिति का आकलन कर रिपोर्ट जल्द जिला मुख्यालय को अवगत कराएं। बारिश से बरेली जनपद में भी बड़ी संख्या में छोटे-बड़े कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा है।

धान, आलू व अन्य फसलों के नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट दें
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व मनोज कुमार पांडेय की ओर से मंगलवार को सभी तहसीलदारों को पत्र जारी करते हुए निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बारिश की वजह से क्षतिग्रस्त हुई फसलों का आकलन कर लें। दो दिन जिले में अतिवृष्टि से धान, आलू व अन्य फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। सभी तहसीलदारों को पत्र जारी करने के साथ व्यक्तिगत फोन करके भी फसलों के नुकसान की स्थिति का जायजा लेकर रिपोर्ट भेजने के लिए कहा गया है।

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