बरेली: डंपी हत्याकांड के चश्मदीद की बेटी का सरेआम अपहरण

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बरेली, अमृत विचार। भाजपा नेता यूनुस अहमद उर्फ डंपी हत्याकांड के चश्मदीद गवाह की बेटी का रविवार दोपहर पीलीभीत रोड स्थित मॉल से अपहरण कर लिया गया। अपहरण के अगले दिन ही अपहरणकर्ता बच्ची को मुरादाबाद जिले के पाकवाड़ा में छोड़कर फरार हो गया। एक कैंटर चालक की सूचना पर स्थानीय पुलिस ने बच्ची को …

बरेली, अमृत विचार। भाजपा नेता यूनुस अहमद उर्फ डंपी हत्याकांड के चश्मदीद गवाह की बेटी का रविवार दोपहर पीलीभीत रोड स्थित मॉल से अपहरण कर लिया गया। अपहरण के अगले दिन ही अपहरणकर्ता बच्ची को मुरादाबाद जिले के पाकवाड़ा में छोड़कर फरार हो गया। एक कैंटर चालक की सूचना पर स्थानीय पुलिस ने बच्ची को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया है। वहीं परिजनों की तहरीर पर इज्जतनगर पुलिस ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी और उसके द्वारा अपहरण करने की वजह की तलाश शुरू कर दी है।

जोगी नवादा निवासी रुबीना रेहाना ने बताया कि उनके पति वसीम अली का शुभम जैन उर्फ शिब्बू दोस्त है। शुभम का उनके घर पर भी आना जाना था। रूबीना ने बताया कि शुभम दिल्ली में रहकर किसी कॉल सेंटर में नौकरी करता है। 17 अक्टूबर को शुभम उनके घर पहुंचा और बेटी अमायरा (2) को मॉल में घुमाने की बात कही। उसी समय घर पर अमायरा के मामा जफर भी मौजूद थे तो उन्होंने भी घूमने की हामी भर दी। इसके बाद शुभम अमायरा और जफर के साथ पीलीभीत रोड स्थित मॉल चला गया। मॉल पहुंचने पर शुभम ने जफर से अमायर को मॉल में बच्चों को घुमाने वाली ट्रेन पर सैर कराने की बात कही और वहां से बच्ची लेकर फरार हो गया।

काफी देर तक शुभम व अमायरा का पता न चलने पर जफर ने रूबीना को जानकारी दी। घटना का पता चलते ही रूबीना ने लखनऊ में रहने वाली शुभम की मां सपना जैन को फोन किया और बच्ची के अपहरण की बात बताई। जिसपर शुभम की मां ने उसके बारे में कोई भी जानकारी होने से साफ इंकार कर दिया। इसके बाद रूबीना ने इज्जतनगर थाने में शुभम के खिलाफ बच्ची के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करवाई।

रूबीना ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कराने के कुछ समय बाद उनके पास मुरादाबाद से एक कैंटर चालक नौशाद का फोन पहुंचा, जिसने अमायरा के बारे में जानकारी दी। सूचना मिलते ही इज्जतनगर पुलिस की एक टीम के साथ रुबीना और उनकी बहन शहनाज मुरादाबाद के पाकबड़ा पहुंची। जहां पुलिस की मौजूदगी में बच्ची सकुशल परिजनों को सौंप दी गई। वहीं इज्जनतगर पुलिस ने बच्ची के अपहरण के मुख्यारोपी शुभम जैन की तलाश शुरू कर दी है।

अपने सामने शुभम ने कैंटर चालक से रूबीना को कराया था फोन
कैंटर चालक नौशाद ने पुलिस से पूछताछ में बताया कि शुभम ने उसे रूबीना का नंबर देते हुए कहा था कि, बच्ची के मां-बाप नहीं मिल रहे हैं, और उसके पास फोन नहीं है। रूबीना का नंबर देते हुए कहा कि इस नंबर पर फोन करके अमायरा के बारे में जानकारी देने की बात कही। इतना कहने के बाद शुभम ने कैंटर चालक से रूबीना को फोन करवाया और फोन पर रूबीना से बात होने की पुष्टि होने पर बच्ची छोड़कर फरार हो गया था।

आठ माह पहले दर्ज हुई थी अमायरा के पिता वसीम अली की गुमशुदगी
बीती साल 14 अप्रैल को भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के उपाध्यक्ष यूनुस अहमद उर्फ डंपी की एक सेवानिवृत्त फौजी सिराजुददीन उसके भाई इसामुददीन और आसिफ ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर लाइसेंसी तमंचे व रायफल से गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। अमायरा का पिता वसीम अली अपने साढ़ू के इस हत्याकांड का इकलौता चश्मदीद गवाह था।

हत्या की रिपोर्ट दर्ज होने के कुछ समय बाद ही वसीम अली पत्नी रूबीना और बेटी अमायरा को बरेली में छोड़कर अपने अन्य परिजनों के साथ लापता हो गया था। इसके बाद बारादरी थाने में वसीम अली की गुमशुदगी भी दर्ज करायी गई थी। चर्चित हत्याकांड के एक मात्र चश्मदीद गवाह के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद भी बारादरी पुलिस पिछले कई माहीनों से खामोश बैठी रही, यहां तक की उसे तलाशने की कोशिश भी नहीं की गई।

बच्ची को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया गया है। मुख्यारोपी शुभम अभी फरार है, उसकी तलाश की जा रही है। पकड़े जाने पर अपहरण की वजह का पता लगाया जाएगा– संजय कुमार धीर, इंस्पेक्टर, इज्जतनगर

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