मुरादाबाद : पहाड़ के पानी से मुरादाबाद में मची हलचल, रामगंगा उफान पर
मुरादाबाद, अमृत विचार। पहाड़ों का प्रलय और नदियों में पानी छोड़े जाने की वजह से मुरादाबाद और आसपास में हलचल बढ़ गई है। रामगंगा, ढेला और दमदमा नदी का जलस्तर देखकर लोग घबराए हुए हैं। कटघर गेज पर रामगंगा नदी का जलस्तर खतरा के निशान की ओर बढ़ता जा रहा है। जबकि इस्लामनगर, काफियाबाद, घोसीपुरा, …
मुरादाबाद, अमृत विचार। पहाड़ों का प्रलय और नदियों में पानी छोड़े जाने की वजह से मुरादाबाद और आसपास में हलचल बढ़ गई है। रामगंगा, ढेला और दमदमा नदी का जलस्तर देखकर लोग घबराए हुए हैं। कटघर गेज पर रामगंगा नदी का जलस्तर खतरा के निशान की ओर बढ़ता जा रहा है। जबकि इस्लामनगर, काफियाबाद, घोसीपुरा, अक्का, शाहपुर, गन्नौर और खैय्या खद्दर गांव में पानी का दबाव बढ़ता जा रहा है। है।
बुधवार की शाम काफियाबाद गांव के सामने सड़क पर दो फिट पानी ओवरफ्लो करने लगा। जबकि गंगा सहित अन्य नदियों में कई चरण में पानी छोड़ा गया। खैया खद्दर गांव के सामने 500 मीटर सड़क डूब गई है। इस वजह से इस्लाम नगर- भोजपुर क्षेत्र का सड़क संपर्क टूट गया है। धान और गन्ने की फसलों में पानी बढ़ रहा है। दिन भर खेतों की ओर टकटकी लगाए ग्रामीण प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं। इस्लामनगर भोजपुर की ओर जाने वाले हजारों लोगों को खैय्या खद्दर गांव के नजदीक से वापस लौटना पड़ा। बाढ़ नियंत्रण विभाग का कहना है कि खो बैराज, हरेवली और कालागढ़ का पानी रामगंगा नदी का जल स्तर बढ़ाता है। उधर,कटघर क्षेत्र में रामगंगा नदी खतरा के निशान से 95 सेंटीमीटर नीचे बह रही है।
सुबह से शाम तक 10 सेमी बढ़ी रामगंगा
रामगंगा का जल स्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। दो दिन की बारिश के बाद से नदी बढ़ रही है। बुधवार की शाम पानी का रंग बदला दिखा। बालू मिश्रित पानी में झाग दिख रहा है। जानकारों का कहना है कि यह पानी बालू क्षेत्र से होकर निकले पानी का है। माना जा रहा है कि नदियों में छोड़ा गया बाढ़ का पानी अब इस अंचल में पहुंच रहा है। वैसे तो शहर क्षेत्र में नदी का जल स्तर धीरे धीरे बढ़ रहा है।
बाढ़ में किसी को भूखा नहीं सोने देंगे: जिलाधिकारी
जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में किसी को भूखा नहीं सोने दिया जाएगा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा जिला सतर्कता समिति की बैठक में बुधवार को जिलाधिकारी ने मूढापांडे के पूर्ति निरीक्षक को क्षेत्र में राशन की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। जिलापूर्ति अधिकारी अजय प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में अन्त्योदय योजना के 30,090, पात्र गृहस्थी योजना के 5,23,053 सहित कुल 5,53,143 राशन कार्ड धारक हैं। बैठक में जिला युवा कल्याण अधिकारी नरेश कुमार चौहान, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जीएस मर्तोलिया, डॉ. दीपक वर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बुद्धप्रिय सिंह आदि उपस्थित रहे।
ट्राली में बैठ गांव पहुंचे जिलाधिकारी-एसएसपी
राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित होने और गांव में पानी भरने की जानकारी होते ही जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार ने रामपुर बार्डर पर प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। गांवों में पानी भरने ही दशा में ट्रैक्टर-ट्राली की सवारी की। अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने रामपुर बार्डर पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों ग्राम भीतखेडा, ग्राम मनकरा आदि सहित कई ग्रामों का टैªक्टर- ट्राली में बैठकर निरीक्षण किया और लोगों को सतर्क रहने की अपील की। जिलाधिकारी ने क्षेत्र के राशन डीलरों से वहीं पर वीडियों कालिंग कर बात की। जिलाधिकारी ने लोगों से कहा कि इस संकट की घड़ी में जिला प्रशासन आपके साथ है। बताया कि जिला पूर्ति अधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी या हमें सीधे भी बता सकते हैं। इस दौरान बाढ़ के पानी की बजह से नेशनल हाईवे पर फंसे वाहनों को टैªक्टर की मदद से सकुशल निकलवाया और नेशनल हाईवे को सुचारु रूप से चालू करवाया।
हाईवे पर दिन भर लगा रहा जाम, रूट डायवर्ट
दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर कोसी का पानी आने के बाद मार्ग बंद कर दिया गया। वक्त के साथ बढ़ रहे पानी को देखते हुए बुधवार की सुबह करीब पांच बजे दिल्ली की ओर से आने वाले वाहनों को पाकबड़ा व जीरो प्वाइंट के पास रोक दिया गया। जो चालक मौका पाकर अपने वाहन लेकर निकल गए तो उनको दलतपुर टोल प्लाजा पर रोक दिया गया। इसी तरह बरेली के ओर से आने वाले वाहनों को रामपुर में कोसी पुल के पास रोक दिया गया। जिस कारण हाईवे पर भीषण जाम लग गया। बुधवार को आनन-फानन में बरेली व दिल्ली की ओर से आने वाले वाहनों को बिलारी-शाहबाद और रामपुर होते हुए गुजारा गया।
रझेड़ा पुल पर आया पानी, रेल संचालन बंद, यात्री हुए परेशान
बाढ़ की वजह से बरेली- मुरादाबाद रेल मार्ग पर ट्रेनों का संचालन बंद हो गया। कोसी नदी के पानी से रझेड़ा पुल क्षतिग्रस्त हो गया। जिसकी वजह से कुंभ एक्सप्रेस ट्रेन को बरेली व रामपुर की जगह बरेली कैंट तथा चंदौसी होते हुए मुरादाबाद लाया गया। इसके अलावा मुजफ्फरपुर संप्तक्रांति समेत पांच ट्रेनों को मुरादाबाद-लखनऊ की जगह गाजियाबाद-कानपुर होकर चलायाउगया। जबकि रेल प्रबंधन का कहना है कि मूंढापांडे-रामपुर के बीच पुल पर मरम्मत का कार्य शाम तक पूरा हुआ। बुधवार को दूसरे दिन भी मुरादाबाद रेल मंडल के लिए ट्रेनों का संचालन करने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
नदियों में पानी बढ़ने से मूंढापांडे-रामपुर के बीच पुल संख्या 1126 पर पानी पहुंच गया। जिसके कारण रेलवे को ट्रेनों का संचालन रोकना पड़ा। इसके साथ ही मुरादाबाद-बरेली मार्ग पर ट्रेनों का रूट भी बदला पड़ा। इसके साथ ही रेलवे ने अन्य ट्रेनों को रूट बदलकर चलाने के आदेश दिए है। आनंद विहार से मुजफ्फरपुर जाने वाली सप्तक्रांति (02558), आनंद विहार से दानापुर जनसाधारण एक्सप्रेस (03258) के अलावा सहरसा से आनंद विहार (01661), दरभंगा-नई दिल्ली (01669) व हावड़ा-अमृतसर पार्सल एक्सप्रेस (00469) शामिल है। इन सभी ट्रेनों को कानपुर-गाजियाबाद होकर चलाया गया। रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सुधीर सिंह ने बताया कि मूंढापांडे-रामपुर के बीच पुल पर मरम्मत का काम शुरू हो गया। देर रात तक काम पूरा होने पर पुल पर रेल संचालन शुरु कर दिया जायेगा। उन्होंने यह भी बताया कि पहले शार्ट टर्मिनेट की गई दो ट्रेनें अब प्रापर रूट से चलेंगी। बनारस से देहरादून जाने वाली 04265 जनता एक्सप्रेस व हावड़ा से योगनगरी जाने वाली दून 03009 को अब बरेली या रामपुर में शार्ट टर्मिनेट नहीं किया जाएगा।
