एमईएस की परियोजनाओं की निगरानी के लिए रक्षा मंत्री ने लॉन्च किया पोर्टल
नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सैन्य अभियंता सेवा (एमईएस) की परियोजनाओं की निगरानी के लिए के लिए वेब आधारित परियोजना निगरानी पोर्टल का आज शुभारंभ किया। केंद्र सरकार के ‘डिजिटल इंडिया मिशन’ के अनुरूप संकल्पित इस पोर्टल को राजधानी के भास्कराचार्य नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस एप्लीकेशन्स एंड जियो-इन्फॉर्मेटिक्स (बीआईएसएजी-जी) ने विकसित किया है। …
नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सैन्य अभियंता सेवा (एमईएस) की परियोजनाओं की निगरानी के लिए के लिए वेब आधारित परियोजना निगरानी पोर्टल का आज शुभारंभ किया। केंद्र सरकार के ‘डिजिटल इंडिया मिशन’ के अनुरूप संकल्पित इस पोर्टल को राजधानी के भास्कराचार्य नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस एप्लीकेशन्स एंड जियो-इन्फॉर्मेटिक्स (बीआईएसएजी-जी) ने विकसित किया है।
यह समेकित पोर्टल सैन्य अभियंता सेवा द्वारा लागू पहली ई-गवर्नेंस प्रबंधन परियोजना है। इस पर नयी परियोजनाओं के प्रारंभ से पूरा होने तक की सटीक निगरानी की जा सकेगी। एमईएस के साथ-साथ सशस्त्र बलों के सभी उपयोगकर्ता जो इन परियोजनाओं के हितधारक हों, वे भी इस पोर्टल के माध्यम से परियोजना की जानकारी हासिल कर सकते हैं। यह पोर्टल इस संगठन के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए सैन्य अभियंता सेवा की नई पहलों में से एक है।
रक्षा मंत्री ने इस अवसर पर सैन्य अभियंता सेवा से संबंधित परियोजनाओं की निगरानी में सहायक होने वाली एमईएस की नई पहलों की सराहना की और विभाग को डिजिटल रूप में आने के लिए बधाई दी। डिजिटल इंडिया मिशन को आगे बढ़ाते हुए सैन्य अभियंता सेवा उत्पादकता बढ़ाने, पारदर्शिता और सेना के लिए अवसंरचना विकास की दिशा में दक्षता में सुधार लाने के प्रयास में नौ अन्य ई-गवर्नेंस अनुप्रयोगों (एप्स) का विकास कर रही है।
इन अनुप्रयोगों को इस वर्ष के अंत तक विकसित किए जाने और अगले वर्ष के मध्य तक एकीकृत इन्टरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) में भी सम्मिलित किए जाने की संभावना है। सैन्य अभियंता सेवा ने अपनी परियोजनाओं जैसे बहुमंजिले रिहायशी आवासों का निर्माण, अत्याधुनिक मल्टी-स्पेशल्टी अस्पतालों का निर्माण, रन-वे अवसंरचनाओं का विकास, विशेषीकृत समुद्री संरचनाओं का निर्माण, केंद्रीय इंजीनियरिंग सेवाएं जैसे जल और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट आदि में भी अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी अपनायी है।
इस मौके पर प्रमुख रक्षा अध्यक्ष एवं सचिव-रक्षा मामले विभाग जनरल बिपिन रावत, सेनाध्यक्ष जनरल मनोज एम नरवणे, वायुसेनाध्यक्ष एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी, रक्षा सचिव डॉ. अजय कुमार, कर्मचारी समिति के अध्यक्ष के लिए रक्षा स्टाफ के प्रमुख एयर मार्शल बीआर कृष्णा, वाइस चीफ ऑफ नेवल स्टाफ वाइस एडमिरल सतीश नामदेव घोरमेड, सैन्य अभियंता सेवा के प्रमुख अभियंता (ई-इन-सी) लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह और भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक कृष्णस्वामी नटराजन भी मौजूद थे।
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