रामपुर : बाढ़ से आफत, 55 गांवों की 2 लाख आबादी बेघर
रामपुर, अमृत विचार। रामनगर बैराज से करीब साढ़े तीन लाख क्यूसिक पानी छोड़े जाने के बाद जिले में बाढ़ ने विकराल रूप धारण कर लिया। बाढ़ के पानी से मूंढापांडे के पास जहां हाइवे बंद हो गया वहीं नैनीताल हाइवे पर भी भोट के पास पानी आने से यातायात ठप हो गया। कोसी पुल के …
रामपुर, अमृत विचार। रामनगर बैराज से करीब साढ़े तीन लाख क्यूसिक पानी छोड़े जाने के बाद जिले में बाढ़ ने विकराल रूप धारण कर लिया। बाढ़ के पानी से मूंढापांडे के पास जहां हाइवे बंद हो गया वहीं नैनीताल हाइवे पर भी भोट के पास पानी आने से यातायात ठप हो गया। कोसी पुल के पास रेल की अप लाइन धसने से ट्रेन संचालन प्रभावित हो गया है। ट्रेनों को वाया चंदौसी होकर निकाला गया।

जिले में 55 गांव बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं जिसमें करीब दो लाख की आबादी बेघर होकर सड़कों पर आ गई है। हालांकि गांव वालों को सुरक्षित बाढ़ से बाहर निकालने के लिए एसडीआरएफ और पीएसी की फ्लड डिवीजन मोटर बोट की सहायता से मदद कर रही है। अन्य सहायक नदियों में भी उफान से फसलें डूबकर नष्ट हो गई हैं। केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने बाढ़ प्रभावित कुछ गांवों में पहुंचकर हालचाल लिया है।

पहाड़ों पर लगातार हुई बारिश से कोसी नदी में आई बाढ़ जिले के करीब 55 गांवों को आफत बन गई है। स्वार, मसवासी, दढ़ियाल, टांडा और रामपुर सदर, तहसीलों के गांवों में करीब दो लाख की आबादी बेघर हो गई है। बाढ़ पीड़ित मकानों की छतों पर बैठकर रातों-दिन गुजार रहे हैं। सैकड़ों कच्चे और पक्के मकान ध्वस्त हो गए हैं। घरों में ढाई से चार फिट तक पानी भर गया है। बाढ़ पीड़ितों तक एसडीआरएफ और पीएसी के जवान मोटर बोट के माध्यम से राहत सामग्री पहुंचा रहे हैं।

ग्रामीणों को निकालकर सुरक्षित स्थान से निकाल रहे हैं। दिल्ली हाइवे पर मूंढापांडे के निकट कोसी नदी का पानी आने से करीब आठ घंटे यातायात बंद रहा जिससे लंबा जाम लग गया। फिलहाल हाइवे खोल दिया है, पानी सड़क पर निकल रहा है। नैनीताल हाइवे पर भी भोट में पानी आने से बंद हो गया है। कोसी नदी के पुल पर रेल लाइन धसने से अप लाइन पर ट्रेन संचालन प्रभावित हुआ है।

ट्रेनें वाया चंदौसी होकर निकाली जा रही हैं। सहायक नदियों में भी उफान आने से पीलाखार, भाखड़ा, बहल्ला और रामगंगा नदी में भी बाढ़ है। जिससे करीब पचास गांव में सैलाब है। प्रत्येक तहसील में कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है और प्रशासन ने 35 बाढ़ चौकियां स्थापित की हैं। एसडीआरएफ के जवान रेस्क्यू कर बाढ़ में फंसे लोगों को मोटर बोट के माध्यम से बाहर निकाल रहे हैं। रामपुर के बाढ़ग्रस्त होने की सूचना मिलने पर बुधवार की दोपहर केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी रामपुर पहुंचे और बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर बाढ़ पीड़ितों को पापों के पैकेट वितरित किए।
बाढ़ पीड़ितों का आंकलन कराया जा रहा है। कोसी नदी के आसपास के करीब 45 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। 35 हजार खाने के पैकेट बाढ़ पीड़ितों तक पहुंचवाए जा रहे हैं। इसके अलावा एनजीओ के माध्यम से सूखा खाना भी पहुंचवाए जाने का इंतजाम किया गया है। रामगंगा से गांवों को नुकसान नहीं पहुंचा है लेकिन, वह कटान कर रही है। जिले भर में अलर्ट जारी कर दिया गया है। डा. वैभव शर्मा, एडीएम राजस्व, नोडल अधिकारी बाढ़ आपदा
