रामपुर : घरों में सब पानी-पानी, लोगों का छतों पर बसेरा
रामपुर, अमृत विचार। बाढ़ का पानी उतरने लगा है लेकिन, गांवों में तमाम घरों में पानी-पानी होने के कारण लोगों का छतों पर बसेरा है। जहां अधिक पानी है वहां से लोगों को ट्रैक्टर ट्राली के माध्यम से सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचवाया जा रहा है। बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों से मवेशियों को भी निकलवाया जा रहा …
रामपुर, अमृत विचार। बाढ़ का पानी उतरने लगा है लेकिन, गांवों में तमाम घरों में पानी-पानी होने के कारण लोगों का छतों पर बसेरा है। जहां अधिक पानी है वहां से लोगों को ट्रैक्टर ट्राली के माध्यम से सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचवाया जा रहा है। बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों से मवेशियों को भी निकलवाया जा रहा है। इसके अलावा बाढ़ का पानी उतरने के बाद ट्रैक्टर ट्रालियों के माध्यम से लोग अपने घरों को लौटने लगे हैं।
पिछले 24 घंटों में बाढ़ का पानी काफी कम हुआ है कोसी नदी खतरे के निशान से सात फिट नीचे बह रही है। लेकिन, गांवों और घरों में जलभराव है जिसके कारण लोग छतों पर ही बसेरा बनाए हुए हैं। लोगों के घरों की छतों पर ही खाना आदि बन रहा है। दो दिन की बाढ़ में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है। घरों में पानी घुसने से कुठियों में रखा अनाज गीला हो गया है।
कपड़े और चारपाइयां बाढ़ अपने साथ बहाकर ले गई हैं। लोगों के डनलप और चारपाइयां जहां तहां बहकर चले गए हैं। इसके अलावा घरों में पानी भरा हुआ है। कोसी का जलस्तर घटा है लेकिन, जहां गांवों में पानी भरा था वह अभी भी भरा हुआ है लोग घरों में से बाल्टियों द्वारा पानी को बाहर फेंक रहे हैं लेकिन, घरों में कुछ देर में उतना ही पानी एकत्र हुए जा रहा है। रसोईघरों के जलमग्न हो जाने के कारण लोगों ने छतों पर चूल्हे बनवा लिए हैं और वहीं बैठकर दिनों रात गुजार रहे हैं।
बाढ़ के पानी में खूब खेल रहे बच्चे
जल स्तर घटने के बाद गांवों की सड़कों और चौराहों पर बाढ़ का पानी जमा हुआ है। बच्चे बाढ़ के पानी में खूब मस्ती कर रहे हैं। बच्चे कभी पानी में तैरना शुरु कर देते हैं कभी छपाछप करते हुए दूर तक दौड़ लगा देते हैं। बाढ़ के पानी में बच्चे पूरे दिन खेलते रहे।
प्रशासन पंपिंग सेट के माध्यम से निकलवा रहा बाढ़ का पानी
प्रशासन ने पंपिंग सेट लगवाकर बाढ़ के पानी की निकासी का बंदोबस्त किया है। लेकिन, पानी एक जगह से निकालने पर दूसरी जगह एकत्र होने लगा है। यंग मैन स्टेडियम पर पंपिंग सेट के माध्यम से बाढ़ के पानी को निकलवाया जा रहा है। इसके अलावा कई जगह सड़कें काटकर रुके हुए पानी को निकालने की कवायद की गई है।
