बरेली: बाढ़ में फंसा किसान, पेड़ पर चढ़कर बचाई जान, 72 घंटों बाद गोतखोरों ने किया रेस्क्यू
क्योलड़िया/भदपुरा, अमृत विचार। धान की फसल की रखवाली करने गया किसान जलस्तर अचानक अधिक हो जाने से जंगल में ही फंस गया। घर वापस न आने पर परिजनों को अनहोनी की आशंका सताने लगी तो ग्रामीणों ने 72 घंटे बाद पुलिस को सूचना दी। तीसरे दिन गुरुवार को थानाध्यक्ष पुलिस फोर्स व गोताखोरों के साथ …
क्योलड़िया/भदपुरा, अमृत विचार। धान की फसल की रखवाली करने गया किसान जलस्तर अचानक अधिक हो जाने से जंगल में ही फंस गया। घर वापस न आने पर परिजनों को अनहोनी की आशंका सताने लगी तो ग्रामीणों ने 72 घंटे बाद पुलिस को सूचना दी। तीसरे दिन गुरुवार को थानाध्यक्ष पुलिस फोर्स व गोताखोरों के साथ ट्रैक्टर-ट्राली से गांव पहुंचे। फंसे किसान को ट्यूब की मदद से बाहर निकाला। पुलिस ने गोताखोरों को 1500 रुपये दिए। इसके बाद किसान को उसके परिजनों के सुपुर्द किया।
थाना क्षेत्र के गांव जरपा मोहनपुर के किसान रामगोपाल मंगलवार सुबह अपने खेत पर धान की रखवाली करने के लिए गया था। देवहा नदी में अचानक जल स्तर बढ़ने पर वह खेत में ही फंस गया। निकलने का कोई रास्ता नहीं मिला तो वह बाढ़ के पानी से बचने के लिए जंगल में पेड़ पर चढ़ गया जब वह घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसकी तलाश की।
72 घंटे बीत जाने पर गुरुवार को जब लोगों ने पुलिस को सूचना दी तब थाना अध्यक्ष राजेंद्र सिंह सिरोही पुलिस टीम व गोताखोर सत्यपाल, गोधन लाल, कल्लू, होरीलाल, मदनलाल, राजेश बबलू के साथ मौके पर पहुंचे। बाढ़ के पानी में घुसकर गोताखोरों ने किसान को तलाशना शुरू किया। गोताखोरों को किसान पेड़ पर बैठा नजर आया।
गोताखोरों ने पेड़ से उतारकर ट्यूब बैठा कर बाहर बाढ़ के पानी से निकाल कर बाहर लाए। वहीं पेड़ पर चढ़े राम गोपाल ने बताया कि भूख मिटाने के लिए उन्होंने गन्ना खा कर पेट भरा। थाना अध्यक्ष ने गोताखोरों को 1500 रुपये इनाम में दिए।
