अयोध्या: सरयू नदी ने लांघा लाल निशान, चपेट में आए दर्जनों गांव

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

अयोध्या। नेपाल से 5.5 लाख क्यूसिक पानी छोड़े जाने के बाद सरयू नदी एक बार फिर से लाल निशान के ऊपर बह रही है। शुक्रवार को 93.02 सेंटीमीटर जलस्तर रिकॉर्ड किया गया। वहीं तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा हैं। दर्जन भर गांव के चपेट में आने के बाद सोहावल तहसील के लगभग …

अयोध्या। नेपाल से 5.5 लाख क्यूसिक पानी छोड़े जाने के बाद सरयू नदी एक बार फिर से लाल निशान के ऊपर बह रही है। शुक्रवार को 93.02 सेंटीमीटर जलस्तर रिकॉर्ड किया गया। वहीं तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा हैं। दर्जन भर गांव के चपेट में आने के बाद सोहावल तहसील के लगभग 50 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर भेजा जा चुका है।

धान व गन्ने की फसलें डूबकर नष्ट हो गई हैं। वहीं रूदौली तहसील के तटीय इलाकों में फसलें जलमग्न होने के बाद मवेशियों के लिए चारे का भी इंतजाम प्रशासन ने किया है। एडीएम वित्त व राजस्व जीएन शुक्ला के अनुसार अभी बाढ़ का खतरा नहीं है। अभी 93.02 सेंटीमीटर पानी है, अगर पानी 94 तक जाता है तो खतरा बढ़ जाएगा। रूदौली के तीन व सोहावल तहसील के तटीय इलाके के कई गांव खतरे में हैं, जहां पर फसलें पहले ही जलमग्न हो चुकी है।

अभी तक सोहावल तहसील के लगभग 50 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा चुका है। एसडीएम, नायब तहसीलदार व लेखपालों सहित राजस्व की टीमों को अपने-अपने क्षेत्र में नजर बनाए रखने के लिए कहा गया है। खतरे को भांपते हुए रूदौली व सोहावल में नाव लगा दी गई है। वहीं रूदौली तहसील में पशुओं के चारे के लिए 1 क्विंटल भूसा भेजा जा रहा है।

वहीं सोहावल प्रतिनिधि के अनुसार, पिछले 24 घंटे में सरयू का जल स्तर बढ़कर खतरे के निशान से लगभग 12 सेंटीमीटर ऊपर आ रहा है, जिस वजह से तहसील के कई गांव पानी से घिर गए हैं। ढेमवा पुल से गोंडा जाने वाला पक्का मार्ग कटान की चपेट में आकर अपना अस्तित्व खोने की कगार पर है।

तराई क्षेत्र के इब्राहिमपुर दिवली, मंगलसी, रौनाही, अलीगंज, तहसीनपुर, कलाफरपुर, करेरु, राम नगर धौरहरा, सिवार, इस्माइल नगर सिहोरा आदि गांव में सैकड़ों एकड़ पर लगी धान व गन्ने की फसलें जलमग्न हो गई है। साथ ही कई गांवों से सम्पर्क मार्ग भी कट गया है।

वहीं एनएच 27 सोहावल चौराहा से ढेमवा पुल होते हुए नवाबगंज गोंडा जाने वाली पक्की सड़क पर पानी आने से आवागमन ठप है। इस मार्ग जुड़ने वाले आधा दर्जन से ज्यादा गांव दत्तनगर, साखीपुर, बेउंदा पानी से घिरे हुए हैं। राजारामपुरवा जाने वाली पक्की सड़क पर नाव चल रही है।

इस पर सोहावल के तहसीलदार प्रमेश कुमार ने बताया कि बाढ़ और पानी के चपेट में आने वाले परिवारों को कैंप के जरिए सुरक्षित स्थानों पर स्थापित किया गया है। साथ ही इन्हें राहत सामग्री वितरित कराने के साथ सभी संवेदनशील स्थानों पर राजस्वकर्मी तैनात किए गए हैं। राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है।

संबंधित समाचार