बरेली: चहेते ठेकेदारों की गलती माफ, दूसरे को सजा
बरेली, अमृत विचार। नगर निगम के निर्माण विभाग में चल रही गड़बड़ी को लेकर यह आरोप भी लगे हैं कि अधिकारियों के बाहर से बुलाए गए कुछ खास ठेकेदारों की गलतियों को माफ किया जा रहा है, बल्कि दूसरे ठेकेदारों की जरा सी कमी पर उनके टेंडरों को निरस्त किया जा रहा है। नगर निगम …
बरेली, अमृत विचार। नगर निगम के निर्माण विभाग में चल रही गड़बड़ी को लेकर यह आरोप भी लगे हैं कि अधिकारियों के बाहर से बुलाए गए कुछ खास ठेकेदारों की गलतियों को माफ किया जा रहा है, बल्कि दूसरे ठेकेदारों की जरा सी कमी पर उनके टेंडरों को निरस्त किया जा रहा है। नगर निगम कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के यह मामला उजागर करने के बाद नगर आयुक्त इसकी भी जांच करा रहे हैं।
निर्माण विभाग के इंजीनियरों पर अभी कुछ दिन पहले ही कई गंभीर आरोप लगे हैं। शासन के निर्देश के बाद इसमें कुछ मामलों की जांच चल रही है तो कुछ प्रकरण नगर विकास मंत्री तक पहुंचने के बाद खलबली मची हुई है। अब नगर निगम कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन ने नगर आयुक्त अभिषेक आनंद तक यह मामला पहुंचा है कि नगर निगम के निर्माण विभाग द्वारा ई-निविदा प्रणाली के माध्यम से जो निविदाएं आमंत्रित की जाती हैं, उन निविदाओं में यदा-कदा ही कोई अभिलेख भूलवश अपलोड होने से रह जाते हैं तो तमाम स्थानीय ठेकेदारों को इन टेंडरों में शामिल होने से मना कर दिया जाता है।
जबकि दूसरे बाहरी ठेकेदारों को गलती सुधारने का पूरा मौका दिया जाता है। सूत्र बताते हैं कि तमाम 15वें वित्त आयोग के काम बाहर से बुलाए गए चेहेते ठेकेदारों से कराए जा रहे हैं। अफसरों के इस पक्षपात से तमाम दूसरे ठेकेदारों का नुकसान हो रहा है। नगर आयुक्त तक यह मामला पहुंचाने के बाद अब इस मामले की जांच कराए जाने की बात कही जा रही है।
ठेकेदारों के आवंटित कक्ष पर दूसरों का कब्जा
नगर निगम के ठेकेदारों का कहना है कि काफी समय पहले नगर निगम में ठेकेदारों के बैठने के लिए नगर निगम में लेखा विभाग के पास ही प्रथम तल पर एक कक्ष का आवंटन किया गया था। जिस पर अब जनसंख्या विभाग के कर्मचारियों ने कब्जा कर लिया है। वर्तमान समय में ठेकेदारों के बैठने के लिए अब कोई उचित व्यवस्था नहीं है।
ठेकेदार संघ के पदाधिकारियों ने नगर आयुक्त से नगर निगम में ठेकेदारों के बैठने के लिए उचित व्यवस्था कराई जानी चाहिए। अधिकारियों ने इसके लिए जल्द कदम उठाए जाने का आश्वासन दिया है।
