बरेली: कांग्रेस में शामिल हुईं सट्टा क्वीन राबिया अख्तर
बरेली, अमृत विचार। खुद को कानून से बचाने के लिए कई अपराधी पार्टियों की सदस्यता ग्रहण कर हनक जमाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसा ही मामला बरेली में प्रकाश में आया है। बरेली में सट्टा की लेडी डॉन कही जाने वाली राबिया अख्तर ने कांग्रेस के स्थानीय नेताओं से कंधा मिलाकर शुक्रवार को सदस्यता …
बरेली, अमृत विचार। खुद को कानून से बचाने के लिए कई अपराधी पार्टियों की सदस्यता ग्रहण कर हनक जमाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसा ही मामला बरेली में प्रकाश में आया है। बरेली में सट्टा की लेडी डॉन कही जाने वाली राबिया अख्तर ने कांग्रेस के स्थानीय नेताओं से कंधा मिलाकर शुक्रवार को सदस्यता ग्रहण कर ली है। राबिया अख्तर पर शहर में सट्टे की खाई बाड़ी चलवाने और मादक पदार्थों की भी तस्करी में शामिल होने का आरोप है।
राबिया के खिलाफ बारादरी थाने में ही आधा दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले ही वह जमानत पर जेल से बाहर आई है। सभी अपराधिक इतिहास से बेखबर कांग्रेस जिला कमेटी के नेताओं ने शुक्रवार को लेडी सट्टा किंग को कांग्रेस पार्टी की सदस्यता दिलवा दी। राबिया के साथ एक अन्य महिला ने भी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है। बताते हैं उस महिला और उसके पति के खिलाफ भी बारादरी थाने में पॉक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज है।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने हाल ही में प्रदेश में होने वाले 2022 के विधानसभा चुनाव में 40 प्रतिशत महिलाओं को टिकट देने का ऐलान किया है। जिसको लेकर महिलाओं में खुशी की लहर है। इसी बीच कांग्रेस के एक नेता से संपर्क कर सट्टा क्वीन के नाम से मशहूर राबिया अख्तर ने शुक्रवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। जिसके बाद पार्टी के अंदर ही राबिया अख्तर को पार्टी में शामिल करने का विरोध शुरू हो गया है।
अपने काले कारनामों की वजह से राबिया अख्तर को बारादरी पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद जेल भेजा था। बताया जा रहा है कि वह मौजूदा समय में जमानत पर बाहर चल रही है। जैसे-जैसे उनके काले कारनामों के खुलासे हो रहे हैं। पुलिस ने भी उनपर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। राबिया अख्तर की करीब ढाई करोड़ की संपत्ति को भी पुलिस जब्त करने की तैयारी में है।
विधायक और मेयर का लड़ चुकी है चुनाव
एक समय था, जब पीस पार्टी से मेयर और विधायक का चुनाव लड़के सुर्खियों में आई राबिया अख्तर का जलवा हुआ करता था। पुलिस से लेकर सभी राजनीतिक पार्टियों में राबिया की अच्छी पैठ मानी जाती थी। लेकिन अब राबिया अख्तर के अच्छे दिन चले गए। पुलिस की कार्रवाई से वह काफी दिनों तक फरार भी रही थी। उसके ऊपर सट्टे की खाईबाड़ी से लेकर गांजे की तस्करी कराने का भी आरोप है।
राबिया अख्तर को शुक्रवार को पार्टी की सदस्यता दिलवाई है। उसके अपराधिक इतिहास के बारे में जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो उसकी सदस्यता रद्द करने के बाद पार्टी से बाहर किया जाएगा। -मिर्जा अशफाक सकलैनी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष
