पीलीभीत: सूदखोर पर पुलिस मेहरबान, एक बार भी नहीं की पूछताछ
पीलीभीत, अमृत विचार। सूदखोर पर पुलिस शिकंजा नहीं कस सकी है। पूर्व के तमाम मामलों की तरह इसे भी जांच के नाम पर टाला जा रहा है। आरोपों की पड़ताल कर कार्रवाई के बजाए पुलिस शिकायतकर्ता से ही साक्ष्य मांगने में समय गुजार रही है। कई दिन बाद भी अभी तक पुलिस ने एक बार …
पीलीभीत, अमृत विचार। सूदखोर पर पुलिस शिकंजा नहीं कस सकी है। पूर्व के तमाम मामलों की तरह इसे भी जांच के नाम पर टाला जा रहा है। आरोपों की पड़ताल कर कार्रवाई के बजाए पुलिस शिकायतकर्ता से ही साक्ष्य मांगने में समय गुजार रही है। कई दिन बाद भी अभी तक पुलिस ने एक बार सूदखोर से पूछताछ करने की जहमत नहीं उठाई। उधर, पीड़ित की मानें तो उसे कोई रसीद नहीं दी गई। एक लाख रुपये जबरन लेने के बाद सादे कागज पर हस्ताक्षर लगवा कर मनमर्जी बात लिखवा ली गई, ताकि आगे चलकर बचाव में पेश कर सकें।
शहर के मोहल्ला छोटा खुदागंज निवासी सफाई कर्मचारी महेंद्र पुत्र रतनलाल ने मोहल्ले के ही एक सूदखोर के खिलाफ तहरीर दी है। उसका कहना है कि चौदह साल पहले उसने जरूरत पड़ने पर सूदखोर से 30 हजार रुपये ब्याज पर लिए थे। बीस प्रतिशत ब्याज देता रहा। परेशान होकर चार साल तक जिला छोड़कर परिवार संग रहता रहा। वापस आने पर दोबारा उसे सूदखोर ने घेर लिया। 20 अक्टूबर 2021 को मकान में ले जाकर धमकाया और उसके बाद जिला सहकारी बैंक से एक लाख रुपये निकाल कर छीन लिए। ये घटना सीसीटीवी में कैद होने का भी दावा किया था।
मगर, एक सप्ताह से लगातार चक्कर लगाने के बाद भी उसकी कहीं पर भी सुनवाई नहीं हो सकी है। पुलिस की जांच सिर्फ पीड़ित पर ही चल रही है। अभी तक सूदखोर से न तो पूछताछ की गई, न ही सत्यता परखने को सीसीटीवी फुटेज चेक कराए गए। उधर, पीड़ित के अनुसार, सूदखोर ने उसके द्वारा अदा की गई रकम की कोई रसीद उसे नहीं दी।
वह अपनी डायरी में हिसाब लिखता रहता था। जिस दिन बैंक से एक लाख रुपये लिए उस दिन भी धमकाकर सादे कागज पर हस्ताक्षर करा लिए थे। उसमें बचाव के लिए लिखा-पढ़ी भी कर ली थी। ताकि आगे चलकर खुद को बचा सके। फिलहाल न तो अभी तक पुलिस आरोपों की सत्यता पता लगा सकी है, न ही सूदखोर पर कार्रवाई हुई।
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