बरेली: जलभराव के विरोध में तालाब का सौंदर्यीकरण रुका
बरेली, अमृत विचार। नगर निगम 15वें वित्त आयोग से 26 करोड़ की लागत से 18 विकास कार्यों को करा रहा है। इसके तहत करीब डेढ़ करोड़ रुपये से डेलापीर तालाब के कायाकल्प और सौंदर्यीकरण के काम भी शामिल हैं लेकिन तालाब के सौंदर्यीकरण के काम में अड़ंगा लगा हुआ है। तालाब में कुछ दिन पहले …
बरेली, अमृत विचार। नगर निगम 15वें वित्त आयोग से 26 करोड़ की लागत से 18 विकास कार्यों को करा रहा है। इसके तहत करीब डेढ़ करोड़ रुपये से डेलापीर तालाब के कायाकल्प और सौंदर्यीकरण के काम भी शामिल हैं लेकिन तालाब के सौंदर्यीकरण के काम में अड़ंगा लगा हुआ है। तालाब में कुछ दिन पहले संबवेल लगाकर पानी निकालकर तालाब को खाली करने का काम शुरू किया गया था लेकिन उससे आसपास के एरिया में जलभराव के बाद स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया है।इसके बाद से काम ठप हो गया है।
15वें वित्त आयोग से कराये जाने वाले सभी कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया भी हो चुकी है। नगर निगम के अधिकारियों का दावा था कि कि सड़कों-नालों के निर्माण, तालाबों की खोदाई आदि कार्य जल्द हो जाएंगे। इसमें करीब 1.5 करोड़ रुपये से डेलापीर तालाब के सौंदर्यीकरण और कायाकल्प का काम भी शामिल है, ताकि पर्यटन स्थल के तौर पर इसे विकसित किया जा सके। पहले स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर के तीन तालाबों डेलापीर तालाब, संजय कम्यूनिटी हॉल और अक्षर बिहार तालाब को संवारा जाना था।
प्रथम चरण में डेलापीर तालाब का सौन्दर्यीकरण कराया जाना था लेकिन बाद में यह प्रोजेक्ट स्मार्ट सिटी से बाहर हो गया तो अब इसे 15वें वित्त आयोग से दुरुस्त कराया जाना है। अभी कुछ दिन पहले दो संबवेल लगाकर तालाब से गंदा पानी बाहर निकालने का काम प्रारंभ हुआ था लेकिन यह पानी कैलाशपुरम सहित दूसरी जगहों पर भरना शुरू हो गया था। इससे लोगों ने विरोध किया। इसके बाद फिलहाल ये काम ठप पड़ा हुआ है।
तालाब के पास से नहीं हट पा रहा डलावघर
डेलापीर तालाब पर झूलेलाल द्वार के पास स्थायी डलावघर बना हुआ है। इससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। पूरा कूड़ा आधी सड़क तक फैल जाता है। लोगों का कहना है कि जब तक डलावघर हटाकर सफाई नहीं होगी, तब तक तालाब के कायाकल्प का कोई मतलब नहीं है।
