बरेली: किसान ने कुचला पत्नी का सिर, फिर लगा ली फांसी

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बरेली/ गुलड़िया, अमृत विचार। मानसिक तनाव में आकर एक किसान ने पहले बच्चों की पिटाई लगाई और उसके बाद ईंट से पत्नी का सिर कुचल दिया। पत्नी को चोटिल करने के बाद किसान ने पास के ही गांव में स्थित खेत में जाकर फांसी लगा ली। अगली सुबह गांव के लोगों ने खेत में शव …

बरेली/ गुलड़िया, अमृत विचार। मानसिक तनाव में आकर एक किसान ने पहले बच्चों की पिटाई लगाई और उसके बाद ईंट से पत्नी का सिर कुचल दिया। पत्नी को चोटिल करने के बाद किसान ने पास के ही गांव में स्थित खेत में जाकर फांसी लगा ली। अगली सुबह गांव के लोगों ने खेत में शव लटका देख पुलिस को सूचित किया। वहीं निजी अस्पताल में भर्ती किसान की पत्नी हालत गंभीर बनी हुई है।

सिरौली थाना क्षेत्र के बसंतपुर के रहने वाले किसान बाबू राम (35) के बड़े भाई नन्हें ने बताया कि पिछले करीब 20 दिनों से बाबू राम आपत्तिजनक व्यवहार करने लगा था। बताया कि बीती रात उसने पत्नी बसंती से झगड़ा किया था। पत्नी से विवाद के बाद वह घर के बाहर चला गया था। जहां गांव की ही एक दुकान पर खड़े अपने बच्चों की पिटाई लगा दी।

इसके बाद जब वह घर पहुंचा तो कमरे में सो रही पत्नी के सिर पर ईंट से 3-4 बार हमला किया और गंभीर रूप से घायल करते हुए लहूलुहान कर दिया। पत्नी के चिल्लाने की आवाज पर परिजनों को आता देख बाबूराम घर से भाग गया। इसके बाद परिजनों ने बसंती को चौकी-चौराहा बरेली स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत काफी गंभीर बताई जा रही है। दूसरी तरफ गुरुवार की सुबह करीब 10 बजे पास के गांव कुतरोई के किसान जब अपने खेत पर पहुंचे तो हैरान रह गए। एक खेत में बाबू राम का शव उसकी शर्ट से पेड़ पर लटका हुआ था। खेत स्वामी ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस व ग्राम प्रधान को दी।

सूचना पर पहुंचे ग्राम प्रधान के भाई ने बाबू राम की शिनाख्त करते हुए परिजनों को सूचना दी। वहीं शिनाख्त होने के बाद सिरौली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बाबूराम के दो बेटी और दो बेटियां हैं। बाबूराम चार भाई हैं, जिसमें वह तीसरे नंबर के थे। वहीं एक तरफ पिता की मौत और दूसरी तरफ जिंदगी और मौत बीच जूझ रही मां को देखकर बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।

भाई पर भी किया था जानलेवा हमला
पोस्टमार्ट हाउस पर मौजूद परिजनों ने बताया कि बाबू राम पहले से ही मानसिक तौर पर मंदित था लेकिन किसी पर जानलेवा हमला करना या अन्य तरह का नुकसान पहुंचाने जैसे काम कभी नहीं करता था। बताया कि पिछले करीब 20 दिनों में उसके व्यव्हार में अचानक बदलाव आ गया था। कुछ दिन पहले बाबू राम ने अपने बड़े भाई नन्हें पर भी किसी बात को लेकर एक बार भाले से हमला कर दिया था, गनीमत रही कि किसी तरह वह हमले से बच गए थे। वहीं दूसरी बार फिर किसी बात के विवाद को लेकर बाबूराम ने भाई पर फावड़े से हमला कर दिया था। इसके बाद से ही उसकी मानसिक स्थिती बिगड़ती चली जा रही थी।

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