पर्यटकों को खूब भा रहा है इटावा सफारी पार्क
इटावा। चंबल की बीहड़ों में स्थापित इटावा सफारी पार्क में देशी-विदेशी पर्यटकों को लाने के लिए कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में आगरा के होटल व्यवसायी, ट्रैवर्ल्स व्यापारी, प्रकृति प्रेमी और फोटोग्राफरों की 80 सदस्यीय दल ने सफारी का भ्रमण किया और जमकर सराहा। इटावा सफारी पार्क के निदेशक के के सिंह ने …
इटावा। चंबल की बीहड़ों में स्थापित इटावा सफारी पार्क में देशी-विदेशी पर्यटकों को लाने के लिए कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में आगरा के होटल व्यवसायी, ट्रैवर्ल्स व्यापारी, प्रकृति प्रेमी और फोटोग्राफरों की 80 सदस्यीय दल ने सफारी का भ्रमण किया और जमकर सराहा। इटावा सफारी पार्क के निदेशक के के सिंह ने आज यहां बताया कि सभी लोग काफी खुश दिखे। इस टूर के बाद ऐसी संभावना है कि इटावा सफारी में आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ जाएगी। आगरा में ताजमहल व अन्य ऐतिहासिक महत्व की चीजे देखने के लिए बडी संख्या में पर्यटक आते हैं। ऐसी संभावना है कि इटावा सफारी में भी पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी।
इन लोगों ने कहा कि ईको टूरिज्म की दृष्टि से इटावा सफारी पर्यटकों के लिए स्वर्ग है और अब वह ताजमहल देखने के लिए आगरा आने वाले पर्यटकों को इटावा आने के लिए प्रेरित करेंगे। टूरिज्म गिल्ड के अध्यक्ष हरी सुकुमार ने बताया कि ताज, ताज नेचर वॉक और चंबल के साथ लायन सफारी, ये बेहतर सर्किट है, जो भारतीय ही नहीं, बल्कि विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करेगा। वहीं, एक्सप्रेसवे से लायन सफारी और ताज के बीच की दूरी भी कम है, ऐसे में यह सर्किट धमाकेदार हो सकता है। सफारी प्रशासन की पहल पर यह 80 सदस्यीय दल गुरुवार को सफारी पहुंचा। सफारी के अधिकारियों ने इन्हें सफारी का भ्रमण कराया और सफारी से संबंधित एक-एक चीज के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई।
इस दौरान यह लोग लगातार सफारी की सराहना करते रहे। उन्होंने कहा कि उन्हें यह मालूम नहीं था कि आगरा के नजदीक ही इतना बडा ईको टूरिज्म सेंटर बना हुआ है। अब वह आगरा आने वाले पर्यटकों को इटावा सफारी के बारे में बतायेंगे और उन्हें इटावा सफारी आने के लिए प्रेरित भी करेंगे। शाहजहां मुमताज की मोहब्बत की दास्तां सुनने और ताजमहल देखने के लिए आगरा आने वाले सैलानियों को इटावा के लायन सफारी में शेरों की दहाड़ भी सुनने को मिलने लगी है।
केवल मुगलिया धरोहरें नहीं, आगरा के आसपास प्राकृतिक धरोहरें भी हैं, जिनके प्रचार की जरूरत है। इस सर्किट से सूर सरोवर पक्षी विहार, लायन सफारी, चंबल की खूबसूरती नजर आएगी। इसके अलावा चंबल में घड़ियाल आकर्षण का केंद्र हैं। वहीं, पर्यटन से जुड़े लोगों ने इस सर्किट का निरीक्षण किया। जिसमें लायन सफारी को अनूठा पाया। इंटरप्रिटेशन सेंटर के जरिए पर्यटकों ने चंबल के बीहड़ों में पाए जाने वाले पक्षियों, जानवरों की जानकारी ली और सफारी पार्क के बारे में जाना। इसके अलावा गुजरात के गिर से लाए गए शेरों का कुनबा अब 18 सदस्यों का हो गया है। इटावा लायन सफारी पार्क में इन 18 शेरों की दहाड़ गूंज रही है। जिनमें से 9 अभी बच्चे हैं। कोरोना काल में शेरनी जेनिफर और गौरी संक्रमित हो गई थीं, जिन्हें ड्राई रन से दूर रखा गया है। केवल तीन शेरों को सफारी में छोड़ा गया है, जिनका जन्म इटावा में ही हुआ है।
