बाराबंकी के किसानों को रास आने लगी है मशरूम की खेती

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बाराबंकी। कभी अफीम की खेती के लिए जाने जानी वाली उत्तर प्रदेश का बाराबंकी जिला अब मेंथा के साथ-साथ मशरूम की खेती के लिए अपनी पहचान बनाने लगा है। वहीं, जिले के किसान मशरूम की खेती कर खासा मुनाफा कमा रहे हैं और लोगों को रोजगार देकर गांव से पलायन भी रोक रहे हैं। हर …

बाराबंकी। कभी अफीम की खेती के लिए जाने जानी वाली उत्तर प्रदेश का बाराबंकी जिला अब मेंथा के साथ-साथ मशरूम की खेती के लिए अपनी पहचान बनाने लगा है। वहीं, जिले के किसान मशरूम की खेती कर खासा मुनाफा कमा रहे हैं और लोगों को रोजगार देकर गांव से पलायन भी रोक रहे हैं। हर मौसम में होने वाली मशरूम की मांग शीत ऋतु में बढ़ जाती है। इस अलावा हैदरगढ़, बनीकोडर, दरियाबाद, सिद्धौर, हरख, त्रिवेदीगंज और सूरतगंज ब्लॉक में मशरूम की खेती अधिक होती है।

मशरूम उत्पादन में उद्यान विभाग भी किसानों को प्रोत्साहित करती है। किसानों का कहना है कि अगर मेहनत की जाए तो एक लाख रुपए की लागत लगाकर कुछ महीनों में तीन से चार लाख रुपए की आमदनी की जा सकती है। जिले के सैदनपुर गांव में मशरूम की खेती करने वाले किसान राजेश की कुछ समय पूर्व माली हालत अच्छी नहीं थी। राजेश ने 20 हजार की लागत लगाकर मशरूम की खेती की थी, जबकि इस समय वे करीब पांच से छह लाख की लागत लगाकर मशरूम की खेती कर 20 से 25 लाख कमा रहे हैं।

राजेश ने कहा कि वह अब कांट्रैक्ट पर खेत लेकर उसमें छप्पर लगाकर मशरूम की खेती कर रहे हैं। साथ ही कहा कि छप्पर के अंदर बास बल्लियों के सहारे मशरूम बोने के लिए बेड बनाए जाते हैं। मशरूम की खेती के लिए गेहूं के भूसे का उपयोग किया जाता है, भूसे को सड़ाकर उसमें मशरूम के बीज बोए जाते हैं। करीब एक महीने बाद बीज अंकुरित हो जाते हैं और उसमें से कुछ ही समय बाद मशरूम निकलना शुरू हो जाते हैं। इसके अलावा मशरूम की खपत लखनऊ, गोरखपुर, गोंडा, इलाहाबाद, बहराइच आदि जिलों में की जाती है। मशरूम बाजार में 80 से लेकर करीब 150 तक बिक्री हो जाती है।

जिला उद्यान विभाग के निरीक्षक गणेश शंकर मिश्रा ने बताया कि जिले में लगभग 500 से अधिक लोग मशरूम की खेती कर रहे हैं। यह एक अच्छा कुटीर उद्योग है, जिसमें किसान अपनी खेती के साथ-साथ मसरूम पैदा करके अतिरिक्त आय का जरिया बना सकते हैं। मिश्रा ने बताया कि अब कुछ लोग मशरूम की हाईटेक खेती भी कर रहे हैं। जिले के कुर्सी औद्योगिक क्षेत्र में एसी प्लांट लगाकर मशरूम की खेती की जा रही है। क्योंकि मशरूम की खेती में तापमान का विशेष ध्यान रखा जाता है।

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