संजय राउत बोले- केंद्र में 2024 में गठबंधन की सरकार बनेगी, जिसमें कांग्रेस होगी प्रमुख पार्टी
पुणे। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए शिवसेना सांसद संजय राउत ने शनिवार को कहा कि 2024 में उस गठबंधन की सरकार केंद्र में आएगी जिसमें कांग्रेस प्रमुख पार्टी होगी। पुणे प्रेस क्लब द्वारा आयोजित जेएस करांदीकर स्मृति व्याख्यान देने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में राउत ने कहा कि बिना कांग्रेस के …
पुणे। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए शिवसेना सांसद संजय राउत ने शनिवार को कहा कि 2024 में उस गठबंधन की सरकार केंद्र में आएगी जिसमें कांग्रेस प्रमुख पार्टी होगी। पुणे प्रेस क्लब द्वारा आयोजित जेएस करांदीकर स्मृति व्याख्यान देने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में राउत ने कहा कि बिना कांग्रेस के कोई सरकार नहीं बन सकती जो देश की प्रमुख और गहरी जड़ों वाली पार्टी है। कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल भी है। अन्य दल क्षेत्रीय हैं।
कई दशकों तक भाजपा के सत्ता में रहने संबंधी राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर के बयान के बारे में पूछे जाने पर राउत ने कहा कि भाजपा भारतीय राजनीति में रहेगी लेकिन विपक्षी दल के रूप में। उन्होंने कहा कि भाजपा दावा करती है कि यह दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है। अगर दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी चुनाव हार जाती है तो वह विपक्षी पार्टी बन जाएगी।
उदाहरण के लिए महाराष्ट्र में भाजपा 105 विधायकों के साथ मुख्य विपक्षी दल है। भाजपा शासित उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के बारे में पूछे जाने पर राउत ने कहा कि इस समय हमारा ध्यान दादरा नगर हवेली और गोवा पर है। उत्तर प्रदेश के चुनावों के लिए अभी समय है। हम उत्तर प्रदेश में छोटे दल हैं लेकिन चुनाव लड़ेंगे। इससे पहले राउत ने व्याख्यान देते हुए मीडिया के सामने मौजूद अनेक चुनौतियों को रेखांकित किया।
उन्होंने दावा किया कि पिछले दो साल से सत्तारूढ़ दल कोरोना वायरस महामारी का हवाला देकर मीडियाकर्मियों को संसद के सेंट्रल हॉल में प्रवेश की अनुमति नहीं दे रहा। लेकिन प्रवेश पर पाबंदी की मुख्य वजह डर है कि यदि संवाददाताओं को मंत्रियों से बातचीत करने का मौका दिया तो कई चीजें सामने आ सकती हैं। मंत्रियों को पत्रकारों से दूरी बनाने को कहा गया है।
मीडिया को आपातकाल में भी इतना नहीं रोका गया, जिस तरह आज रोका जा रहा है। राउत ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार केवल अपने पक्ष में खबरें चाहती है। उन्होंने कहा कि एक अखबार ने गंगा नदी में तैरती लाशों पर खबर प्रकाशित की तो आयकर विभाग ने उसके दफ्तरों पर छापेमारी की।
उन्होंने आरोप लगाया कि जो उद्योग कारोबार के लिए लाइसेंस चाहते थे, उन्हें मीडिया संस्थानों में निवेश कराया गया ताकि सरकार मीडिया पर नियंत्रण कर सके। शिवसेना के राज्यसभा सदस्य ने आरोप लगाया कि ‘शीर्ष दस उद्योगपतियों ने मीडिया संस्थानों को खरीद लिया है। सरकार इसके पीछे है।’
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