लखीमपुर-खीरी: पत्नी की मौत के मामले में शिक्षक निलंबित
लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। पत्नी के इलाज में लापरवाही और चरित्रहीनता सहित विभिन्न आरोपों में एफआईआर दर्ज होने के बाद बीएसए ने एक शिक्षक को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए उसे निलंबित कर दिया है। इसी के साथ शिक्षक को अर्ध वेतन पर प्राथमिक विद्यालय नौबस्ता में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए है। बीएसए …
लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। पत्नी के इलाज में लापरवाही और चरित्रहीनता सहित विभिन्न आरोपों में एफआईआर दर्ज होने के बाद बीएसए ने एक शिक्षक को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए उसे निलंबित कर दिया है। इसी के साथ शिक्षक को अर्ध वेतन पर प्राथमिक विद्यालय नौबस्ता में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए है। बीएसए डा लक्ष्मीकांत पांडे ने बताया कि विकास खंड नकहा में एआरपी के पद पर तैनात उत्कर्ष सिंह की पत्नी की मौत हो गई है।
पत्नी के परिवार वालों ने इसे साजिश करार दिया और पुलिस को बताया कि आरोपी के कई लड़कियों से अवैध संबंध है। शिकायतकर्ता जयेन्द्र सिंह ने पुत्री प्रतिमा सिंह की हुयी मौत के संबंध में मारने पीटने, अन्य महिला के साथ चैट करने सहित विभिन्न प्रकार के संगीन आरोप लगाकर उत्कर्ष सिंह सहित तीन लोगो पर कोतवाली सदर में एफआईआर दर्ज कराई है। उनके कार्यालय में भी प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया गया कि आडियो रिकार्डिंग साक्ष्य के रूप मे उनके पास उपलब्ध है।
मामले में प्रथम दृष्टया संज्ञान लेकर उत्कर्ष सिंह एआरपी के विरुद्ध प्रशासनिक, दंडात्मक कार्रवाई का अनुरोध किया गया। बीएसए ने बताया कि शिक्षक के इस कृत्य से विभाग की छवि धूमिल हुयी है। शिक्षक का यह कृत्य अध्यापक एवं कर्मचारी नियमावली के विरुद्ध है। उत्कर्ष सिंह एआरपी द्वारा पत्नी प्रतिमा सिंह को मारने पीटने, अन्य महिलाओं के साथ नजायज संबंन्ध होने, चरित्रहीनता आदि विभिन्न प्रकार के संगीन आरोपो में एफआईआर दर्ज होने, सोशल मीडिया पर चैट करने, विभाग की छवि धूमिल करने एवं अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन न करने तथा विभागीय आदेशो, निर्देशों की अवहेलना, अनुशासनहीनता, लापरवाही, आदि करने के लिए पूर्ण रूप से उत्तरदायी है।
उत्कर्ष सिंह को उपरोक्त सभी आरोपो में प्रथम दृष्टयता दोषी मानते हुये इनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबित शिक्षक प्राथमिक विद्यालय नौबस्ता विकास खंड रमियाबेहड में अपनी उपस्थिति देगें। निलम्बन की अवधि में उत्कर्ष सिंह को वित्तीय नियम संग्रह के प्रावधानों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि अर्धवेतन पर देय अवकाश वेतन की राशि के बराबर देय होगी।
