बरेली: सीवर की परेशानी बनी भ्रष्ट ठेकेदार व कर्मचारियों की कमाई

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। जलकल विभाग की सीवर लाइनें बेहद खस्ताहाल हैं और उससे परेशान भवन स्वामी अगर उन्हें ठीक करवाने की कोशिश करते हैं तो उनसे विभाग के कर्मचारी व ठेकेदार जमकर वसूली कर रहे हैं। शहर के पॉश इलाके सिविल लाइंस में भी ऐसे ही कई मामले उजागर हुए हैं, जिसमें लोग क्षेत्रीय पार्षद …

बरेली, अमृत विचार। जलकल विभाग की सीवर लाइनें बेहद खस्ताहाल हैं और उससे परेशान भवन स्वामी अगर उन्हें ठीक करवाने की कोशिश करते हैं तो उनसे विभाग के कर्मचारी व ठेकेदार जमकर वसूली कर रहे हैं। शहर के पॉश इलाके सिविल लाइंस में भी ऐसे ही कई मामले उजागर हुए हैं, जिसमें लोग क्षेत्रीय पार्षद राजेश अग्रवाल से जलकल विभाग के कर्मचारियों के अवैध वसूली करने की शिकायत कर रहे हैं। इसके ऑडियो जारी होने के बाद जलकल विभाग के स्टाफ के बीच खलबली मची हुई है। बताते हैं कि जलकल विभाग के ठेकेदार व कर्मचारी यह खेल लंबे समय से कर रहे हैं और विभागीय अफसर ऐसे लोगों पर कोई शिकंजा भी नहीं कस पा रहे हैं।

जलकल विभाग की अरसा पुरानी सीवर लाइन या तो चोक हो चुकी हैं या वे इतनी ज्यादा खस्ताहाल हैं कि वे लबालब भरी रहती हैं। कई के मेल होल भी बंद हैं। इनकी मरम्मत या सीवर लाइन के दुरुस्त करने के कोई प्रयास न होने से बड़ी संख्या में भवन स्वामी परेशान हैं। ऐसे में जनता की दिक्कत को दूर करने के बजाय उनकी इस मजबूरी का फायदा उठाकर उगाही करने के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे ही पार्षद राजेश अग्रवाल से बातचीत करने वाले व्यक्ति का एक ऐसा ऑडियो वायरल हुआ है, इसमें वह यह शिकायत कर रहा है कि उनकी सीवर लाइन बंद हैं।

जलकल विभाग का एक कर्मचारी यह कह रहा है कि सीवर तो ऐसे ही लबालब भरे रहेंगे। आप अपने घर की लाइन को ठीक कराएं। दरअसल सीवर लाइन ठीक करने के नाम पर आने वाले बाहरी लड़के मनमाने पैसे वसूलते हैं और इसमें विभागीय कर्मचारियों का कमीशन भी तय रहता है। ऐसे ही वायरल हुए एक दूसरे ऑडियो में सिविल लाइंस की एक महिला पार्षद से यह शिकायत कर रही है कि उनकी घर की सीवर लाइन ठीक करने के लिए कुछ लोग आए थे और वे 1200 रुपये मांग रहे हैं। उनका कहना था कि सीवर लाइन ठीक हैं, आपके घर की लाइन को ठीक करना है। ऐसे कोई कैसे जानेगा कि कौन सी गड़बड़ है। मेन सीवर लाइन अक्सर खराब रहती है। पार्षद ने महिला को सीवर लाइन ठीक कराने के नाम पर रुपये न देने की हिदायत देते हुए कहा कि वे खुद इस मामले को देखेंगे।

भनक लगते ही वसूली करने पहुंच गए
इसी तरह जलकल विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर एक और ऑडियो जारी हुआ है। इसमें पार्षद राजेश अग्रवाल से एक व्यक्ति यह शिकायत कर रहा है कि उन्होंने एक मकान खरीदा है और उसकी लाइन खराब है। सिविल लाइन में सड़कें बन रही हैं तो उन्होंने प्लंबर से उसे ठीक करने को कहा तो जलकल विभाग के कर्मचारी वैसे भले न आते हो लेकिन जैसे ही उन्हें जानकारी लगी वे इस पर आपत्ति जताने लगे कि बगैर परमीशन को रोड नहीं तोड़ सकते। जबकि शिकायतकर्ता का यह तर्क है कि जब पूरा शहर ऐसे ही खुद गया है तो जो नया रोड पड़ना है, वह खराब न हो, इसलिए लाइन को पहले ठीक कराना चाहता है। जाहिर है कि इस मामले में भी वसूली की बू आ रही है।

कुलदीप नाम के किसी शख्स का बार-बार सामने आया नाम
शिकायतकर्ता किसी कुलदीप नाम के शख्स का नाम बार-बार ले रहे थे। वायरल ऑडियो में जब एक शिकायतकर्ता ने उगाही की शिकायत करनी शुरू की तो एकाएक पार्षद राजेश अग्रवाल के मुंह से भी इसी शख्स का नाम निकल आया। जबकि विभागीय अधिकारियों को इस बारे में कुछ भी नहीं पता। जबकि पार्षद का कहना है कि उन्हें जलकल विभाग में क्या खेल चल रहा है, उन्हें सब पता है।

वर्जन —
नगर निगम अधिनियम में कहां लिखा है कि मरम्मत के लिए पुनः नये कनेक्शन का आवेदन करना होता है, जबकि व्यक्ति निगम का करदाता पहले से है। वह इसलिए सीवर की मरम्मत करा रहा है कि नगर निगम रामपुर बाग में सड़कें बनवा रहा है तो उसे दोबारा खोदना न पड़े। लेकिन सीवर की समस्या से जूझ रहे लोगों से वसूली हो रही है। -राजेश अग्रवाल, पार्षद

वर्जन-
इन मामलों की मेरे पास कोई जानकारी नहीं है, फिर भी ऐसे मामले सामने आते हैं और जांच में सही मिलते हैं तो इन्हें लेकर विभाग का कड़ा रवैया रहेगा। ऐसे मामलों में लिप्त कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। –राजेश यादव, महाप्रबंधक, जलकल

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