बरेली: दिवाली पर सफाई कर्मियों की छुट्टी, कचरे के लगे ढेर
बरेली, अमृत विचार। दिवाली पर लोगों ने जमकर आतिशबाजी की। शुक्रवार को भी पटाखे फोड़े गए। ऐसे में भारी मात्रा में सड़कों पर कूड़ा हो गया लेकिन दिवाली के अगले दिन सफाई कर्मियों की छुट्टी की वजह से कूड़ा उठ नहीं पाया। ऐसे में अब लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सुभाषनगर, …
बरेली, अमृत विचार। दिवाली पर लोगों ने जमकर आतिशबाजी की। शुक्रवार को भी पटाखे फोड़े गए। ऐसे में भारी मात्रा में सड़कों पर कूड़ा हो गया लेकिन दिवाली के अगले दिन सफाई कर्मियों की छुट्टी की वजह से कूड़ा उठ नहीं पाया। ऐसे में अब लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सुभाषनगर, डेलापीर रोड समेत शहर के कई प्रमुख मार्गों पर लोगों को नाक पर रुमाल रख कर निकला पड़ा।
सामान्य दिनों में रोजाना सुबह 6 बजे तक बजे तक गलियों व सड़कों पर सफाई शुरू हो जाती है लेकिन दिवाली पर सड़कों की सफाई नहीं होती। पिछले साल भी दिवाली के अगले दिन बड़ी मात्रा में शहर में भारी मात्रा में कचरा निकला था जिसकी सफाई नहीं हुई थी। नगर निगम की बोर्ड बैठक में यह मुद्दा जोरशोर से उठा था जिस पर विपक्षी ही नहीं पक्ष के पार्षद भी सफाई व्यवस्था पर रोष जता रहे थे। वहीं, त्योहार से पहले अधिकारियों ने सफाई अभियान चलाया था। दिवाली के अगले दिन ही अभियान की हवा निकल गई। वहीं कुछ वार्ड ऐसे भी हैं, जहां ठेकेदार के कर्मचारी सफाई व्यवस्था देखते हैं। नगर निगम सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर माह करोड़ों रुपये खर्च करता है। बावजूद आलम यह है कि शहर की गलियां, सड़क, चौहारे गंदगी से अटे पड़े हैं।
नालियों व पार्कों का बुरा हाल
आतिशबाजी के कूड़े से नालियों और पार्कों का भी बुरा हाल है। हालात ये हैं कि कूड़े से नालियां चोक हो गईं और सड़क से कूड़ा हटाने में लगे नगर निगम ने इस तरफ झांका तक नहीं। असल में जो कर्मचारी सड़कों पर काम कर रहे थे, उन्हें निर्देश दिए गए थे कि मुख्य सड़कें साफ होनी चाहिए, ताकि मामला शासन तक न पहुंचे। ऐसे में नालियों की तरफ किसी ने ध्यान नहीं दिया। अलबत्ता, पहले तो कूड़ा नाली से निकालकर सड़क पर रखा गया था, वह तक दोबारा नालियों में समा गया। वहीं, पार्कों व मैदान में भी गंदगी का बुरा हाल रहा।
