पीलीभीत: हत्या नहीं, अवसाद में आकर दादा की बंदूक से अंशु ने की थी खुदकुशी
पीलीभीत, अमृत विचार। छोटी मैदना के रहने वाले अंशुल उर्फ अंशु की हत्या नहीं हुई थी। पारिवारिक विवाद के चलते अवसाद में आने के बाद उसने दादा की लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी। घटना के बाद परिवार वालों ने डर के चलते शव को घर से हटाकर रेलवे लाइन …
पीलीभीत, अमृत विचार। छोटी मैदना के रहने वाले अंशुल उर्फ अंशु की हत्या नहीं हुई थी। पारिवारिक विवाद के चलते अवसाद में आने के बाद उसने दादा की लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी। घटना के बाद परिवार वालों ने डर के चलते शव को घर से हटाकर रेलवे लाइन किनारे फेंक दिया था।
हालांकि उनका इरादा किसी को फंसाने का नहीं था। पुलिस ने हत्या और खुदकुशी के बीच उलझी गुत्थी का खुलासा कर दिया। खुदकुशी में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी बंदूक और कारतूस जब्त कर लिए हैं। कार्रवाई की औपचारिकता निभाते हुए नियमानुसार मृतक के खिलाफ आर्म्स एक्ट की एफआईआर दर्ज की गई है।
न्यूरिया थाना क्षेत्र के गांव छोटी मैदना के निवासी अमर सिंह के 25 वर्षीय पुत्र अंशु का शव 30 अक्टूबर की सुबह गांव के बाहर टनकपुर रेलखंड के पास रेल पटरियों से सटकर पड़ा मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पेट में गोली लगने से मौत की पुष्टि हुई थी। परिवार वालों की ओर से मामले में पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी गई। इसके बाद से पुलिस हत्या के साथ ही अन्य पहलुओं पर छानबीन में जुट गई थी।
जिसके बाद मामला खुदकुशी की ओर इशारा करने लगा था।यह भी सामने आया था कि अंशु एक विवाहित महिला को अपने साथ ले आया था और वह कई दिनों तक उसके साथ रही। फिर घटना से चंद दिन पहले वह अचानक चली गई थी। उसके बाद से अंशु परेशान रह रहा था। इस बिंदु पर भी न्यूरिया पुलिस ने गहनता से पड़ताल की। जिसके बाद आखिरकार मामला पूरी तरह से स्पष्ट हो गया और पुलिस टीम खुलासा करने में सफल हुई। मामला हत्या का न होकर खुदकुशी का निकला है।
ये बताई गई खुलासे की कहानी
पुलिस की ओर से किए गए खुलासे में खुदकुशी के पीछे वजह भी स्पष्ट की गई है। दरअसल, विवाहित महिला के जाने के बाद अंशु परेशान रहने लगा था।पारिवारिक विवाद में वह टेंशन में आ चुका था। उसने अपने दादा मिढई लाल जोकि न्यूरिया थाना क्षेत्र के गांव आराजी बौरख के निवासी है।
उनकी लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली। इसके बाद परिवार वाले डर गए और कुछ परिचितों की मदद से शव को ले जाकर रेलवे ट्रैक के पास फेंक दिया था। यही वजह रही कि परिवार ने किसी के खिलाफ कार्रवाई को तहरीर नहीं दी। पूछताछ करने के दौरान परिवार ने यह पूरी घटना पुलिस को भी बता दी।
‘गहनता से की गई पड़ताल के बाद अंशु के खुदकुशी करने की बात निकली है। घटना का खुलासा कर दिया गया है। घटना में प्रयोग एक नाली बंदूक, चार खोखा व तीन जिंदा कारतूस जब्त किए गए हैं। परिवार की मंशा किसी को फंसाने की नहीं थी। वह डर की वजह से शव रेलवे ट्रैक के पास फेंक आए थे।’
– लल्लन सिंह, सीओ सदर
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