बरेली: पेड़ों को ट्रांसलोकेट और न ही बिजली लाइन शिफ्टिंग का मिल धन

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बरेली, अमृत विचार। लालफाटक-बदायूं रोड के निमार्ण और उसके चौड़ीकरण के लिए पीडब्ल्यूडी को 38 करोड़ रुपये चाहिए लेकिन शासन से अब तक केवल आठ करोड़ रुपये ही जारी हुए हैं। जबकि यहां पेड़ों को ट्रांसलोकेट करने और बिजली लाइनों को शिफ्ट करने के लिए ही 14 करोड़ रुपये का बजट चाहिए। शासन से जो …

बरेली, अमृत विचार। लालफाटक-बदायूं रोड के निमार्ण और उसके चौड़ीकरण के लिए पीडब्ल्यूडी को 38 करोड़ रुपये चाहिए लेकिन शासन से अब तक केवल आठ करोड़ रुपये ही जारी हुए हैं। जबकि यहां पेड़ों को ट्रांसलोकेट करने और बिजली लाइनों को शिफ्ट करने के लिए ही 14 करोड़ रुपये का बजट चाहिए। शासन से जो बजट मिला है, उससे फिलहाल रोड के दोनों ओर करीब 20 फीसदी चौड़ीकरण का काम हो चुका है।

अब बजट के अभाव में यह प्रोजेक्ट लटकता हुआ दिखाई दे रहा है। पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों का कहना है कि पेड़ों को ट्रांसलोकेट करने और बिजली लाइनों के लिए संबंधित विभागों को पहले ही बजट देना है। बाकी रोड निर्माण के लिए ठेकेदार पर दबाव बनाकर कुछ दिन काम कराया जा सकता है।

लालफाटक से बदायूं स्टेट हाईवे तक की सड़क 4.3 किलोमीटर लंबी है लेकिन अभी इस सड़क की चौड़ाई काफी कम है और उसकी दशा भी खराब है। लालफाटक क्रासिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण चल रहा है। काफी हद तक यह काम पूरा भी हो चुका है। इस सड़क को चौड़ा करने की कार्ययोजना पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड भवन ने शासन को भेजी थी। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल लालफाटक से बदायूं मार्ग तक फोरलेन निर्माण प्रस्ताव को मंजूरी शासन से मिल गई।

इस रोड का दोनों ओर चौड़ीकरण किया जाना है। इसलिए पेड़ों को ट्रांसलोकेट करने के साथ बिजली लाइनों को रोड से शिफ्ट किया जाना है। इसके लिए वन विभाग और ऊर्जा निगम दोनों को सात-सात करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना है। जबकि यह पूरा प्रोजेक्ट करीब 38 करोड़ रुपये का है। अभियंताओं को कहना है कि इस रोड को बनाने के लिए लगातार दबाव पड़ रहे हैं लेकिन शासन की ओर से अब तक केवल आठ करोड़ रुपये ही मिले हैं।

इतने कम बजट से रोड बनाना तो दूर वन विभाग और पावर कारपोरेशन को ही देने को पैसा पूरा नहीं पड़ रहा है। हालांकि इस परियोजना का काम लेने वाले कासगंज के एक ठेकेदार ने रोड के दोनों ओर करीब 750-750 मीटर रोड का काम पूरा कर दिया है लेकिन बजट की कमी और ट्रांसलोकेट व पोलों की शिफ्टिंग न होने इस काम के अधर में लटकने की आशंका बनी हुई है। इस संबंध में निर्माण खंड भवन के अधिशासी अभियंता गोविंद कुमार ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को शीघ्र ही पूरा कराने की कोशिश की जा रही है।

डिप्टी सीएम की घोषणा वाली परियोजना को भी नहीं मिल पा रहा बजट
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की घोषणा में लालफाटक-बदायूं मार्ग फोरलेन बनाने के प्रोजेक्ट को शामिल किए जाने के बाद से ही पीडब्ल्यूडी के अधिकारी इसका निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने में लगे हुए हैं। यहां लालफाटक पर भी फोरलेन ओवरब्रिज का निर्माण हो रहा है। इसलिए बदायूं हाईवे तक रोड की चौड़ीकरण के काम के जल्द पूरा होने की जरूरत महसूस की जा रही है लेकिन सीएम घोषणा वाली इस परियोजना को भी पर्याप्त बजट नहीं मिल पा रहा है।

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