लखनऊ: प्रदूषण करे दूर, कमाई कीजिए भरपूर, परिवहन विभाग ने लागू की ये योजना

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लखनऊ। प्रदेश में वायु प्रदूषण रोकने के साथ ही अब लोगों को रोजगार मिल सकेगा। स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए परिवहन विभाग ने प्रदूषण जांच केंद्र योजना शुरू की है। प्रदेश भर में लोग अपना प्रदूषण जांच केंद्र खोल जीविकोपार्जन कर सकेंगे। इसके लिए लोगों को परिवहन विभाग से लाइसेंस लेना होगा। परिवहन विभाग …

लखनऊ। प्रदेश में वायु प्रदूषण रोकने के साथ ही अब लोगों को रोजगार मिल सकेगा। स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए परिवहन विभाग ने प्रदूषण जांच केंद्र योजना शुरू की है। प्रदेश भर में लोग अपना प्रदूषण जांच केंद्र खोल जीविकोपार्जन कर सकेंगे। इसके लिए लोगों को परिवहन विभाग से लाइसेंस लेना होगा। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रदेश भर में वाहनों की संख्या के अनुसार जांच केद्रों की संख्या मुट्ठी भर है।

प्रदूषण जांच केंद्र खोलने के लिए नियम और शर्तें तय की गई है। कोई भी व्यक्ति, एनजीओ, ट्रस्ट, सभी प्रकार की फर्म, प्राइवेट/लिमिटेड पार्टनरशिप, प्रोपराइटरशिप, परिवहन विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त गैराज में भी प्रदूषण जांच केंद्र खोल सकते हैं। परिवहन विभाग के अधिकारियों के यदि कोई व्यक्ति मोबाइल वैन में प्रदूषण जांच केंद्र चलाना चाहता है तो उसे भी इसकी अनुमति मिलेगी। हालांकि इसके लिए शर्त यह होगी कि वह प्रदूषण जांच केंद्र के 500 मीटर के दायरे के भीतर नहीं जाएगा।

प्रदूषण जांच केंद्र के लिए ऑनलाइन आवेदन के साथ सिक्योरिटी जमा करनी होगी। इसके लिए प्रत्येक मशीन के लिए पांच हजार सिक्योरिटी मनी तय की गई है। यदि कोई व्यक्ति पेट्रोल व डीजल दोनों वाहनों की जांच संबंधी मशीन रखना चाहता है तो उसे कुल 10 हजार रुपए सिक्योरिटी मनी जमा करनी होगी। प्रदूषण जांच केंद्र की वैधता तीन साल के लिए होगी। इसके बाद इसका रिनुअल कराना होगा। प्रदूषण जांच केंद्र में उत्सर्जन जांच करने वाले ऑपरेटर की शैक्षिक योग्यता न्यूनतम हाईस्कूल तय की गई है। कम्प्यूटर की जानकारी भी उसे होनी चाहिए।

जांच में मिलने वाली धनराशि आवेदक की

प्रदूषण जांच केंद्र खोलने वाले व्यक्ति को पेट्रोल चालित दोपहिया वाहन पर 50 रुपए, तिपहिया पेट्रोल, सीएनजी और एलपीजी गाड़ी, चार पहिया वाहन का 70 रुपए और ट्रक व अन्य डीजल वाहन के प्रदूषण की जांच के लिए 100 रुपए मिलेंगे। यह जांच केंद्र करने वाले के ही होंगे।

इतनी संख्या में खुले प्रदूषण जांच केंद्र

शहर              प्रदूषण जांच केंद्रों की संख्या
लखनऊ             184
गाजियाबाद         156
मेरठ                  117
नोएडा                  85
कानपुर                79
प्रयागराज             79
बुलंदशहर            77
मुरादाबाद            64
वाराणसी             57
आगरा                54
बरेली                 49
मुजफ्फरनगर      48

वाहनों से निकलने वाले विषैले धंएु को रोकने लिए प्रदूषण जांच केंद्र की व्यवस्था की गई है। वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अभी भी प्रदेश भर में तकरीबन दो हजार केंद्र ही हैं। राजधानी में ही इनकी संख्या बहुत कम है। जितनी संख्या अधिक होगी, लोग आसानी से अपने वाहनों की जांच करा सकेंगे…कमल जोशी, आरटीओ तकनीकी, परिवहन विभाग।

संबंधित समाचार