बाराबंकी: अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है मसौली-सहावपुर सम्पर्क मार्ग
बाराबंकी। प्रदेश की योगी सरकार चाहे कितना भी प्रयास कर ले लेकिन भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना वर्तमान समय में टेढ़ी खीर है। पीडबल्यूडी विभाग से गड्ढा मुक्त सड़को की उम्मीद की बजाय गड्ढों में सड़क का एक नमूना मसौली-सहावपुर मार्ग है। सड़क निर्माण के मामले में लोक निर्माण विभाग अपनी गुणवत्ता को लेकर जाना जाता …
बाराबंकी। प्रदेश की योगी सरकार चाहे कितना भी प्रयास कर ले लेकिन भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना वर्तमान समय में टेढ़ी खीर है। पीडबल्यूडी विभाग से गड्ढा मुक्त सड़को की उम्मीद की बजाय गड्ढों में सड़क का एक नमूना मसौली-सहावपुर मार्ग है। सड़क निर्माण के मामले में लोक निर्माण विभाग अपनी गुणवत्ता को लेकर जाना जाता रहा है। लेकिन वर्तमान में इस साख पर बट्टा लगाने का काम प्रकाश में आने लगा है।
लोक निर्माण खण्ड प्रथम के अंतर्गत आने वाले मसौली ब्लाक में मसौली से सहावपुर सम्पर्क मार्ग की अनुमानित दूरी साढ़े तीन किमी है। जिसको एक वर्ष पूर्व ही निर्माण पीडबल्यूडी -1 के ने कराया था। निर्माण के दो महीनो के बाद ही इस मार्ग की बदहाली की दास्तान शुरू हो गयी, जो एक वर्ष होते-होते पूरी साढ़े तीन किलोमीटर की सड़क खस्ताहाल हो गयी है। अब यह मार्ग मुसाफिरों के लिये हादसे का सबब बन चुका है। दिन में तो लोग बच कर निकल भी सकते है रात को इस रास्ते गुजरना दुर्घटनाओं को दावत देने के समान है।
सड़क की उम्र विभाग के मानकों के अनुसार आठ वर्ष होती है। जिसके ठेकेदार को दो वर्ष तक अपनी फर्म की तरफ से निर्मित कराई गई सड़क को क्षतिग्रस्त हो जाने की दशा में बनवाना पड़ता है। जबकि इस सड़क पर भारी वाहनों कि आवाजाही तक नहीं होती, वहीं श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या तक जाने वाले द्वार की सड़क के वजूद पर सवाल खड़े है।
इस विषय में निर्माण खण्ड के अधिशाषी अभियंता से सम्पर्क नहीं हो पाने की दशा में सहायक अभियंता इं. एडिसन सिंह का कहना है कि इस मार्ग पर खनन करने वाले डंफर के साथ अन्य ओवरलोडिंग वाहन चलना, सड़क ही दुर्दशा का कारण बना है। सहायक अभियंता एडिसन सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और उप सम्मभागीय परिवहन अधिकारी को लिखित शिकायत करके ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों से जुर्माना वसूले जाने की शिकायत की जा चुकी है। उनके इस जवाब के बावजूद, सड़क निर्माण का सवाल जस का तस वही खड़ा है।
