सार्वजनिक व निजी क्षेत्र को दूर रखकर देश का विकास संभव नहीं : राजनाथ सिंह

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लखनऊ। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने लोगों से बाबासाहेब, सावरकर, महामना और बोस जैसे महापुरुषों की दूरदर्शिता को समझने की जरूरत बताई। कहा कि हमारे देश में आजादी के बाद देश की आर्थिक स्थिति में कैसे सुधार किया जा सकता है, इसे हमारे इन दूरदर्शियों ने पहले ही सोच लिया था। स्वदेशी उद्योगों को लेकर महात्मा …

लखनऊ। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने लोगों से बाबासाहेब, सावरकर, महामना और बोस जैसे महापुरुषों की दूरदर्शिता को समझने की जरूरत बताई। कहा कि हमारे देश में आजादी के बाद देश की आर्थिक स्थिति में कैसे सुधार किया जा सकता है, इसे हमारे इन दूरदर्शियों ने पहले ही सोच लिया था। स्वदेशी उद्योगों को लेकर महात्मा गांधी के क्या विचार थे, यह हम सब जानते हैं। यह बात उन्होंने पीटीसी इंडस्ट्री के लोकार्पण व नई इकाई के शुभारंभ के अवसर पर शनिवार को कहीं।

उन्होंने कहा कि इतिहास में कुछ कारण रहे जिनकी वजह से हमारे उद्योग उतना आगे नहीं बढ़ पाए, जितना होना चाहिए था लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री व लखनऊ के पूर्व जनप्रतिनिधि स्व. अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व वाली सरकार के बाद से भारतीय उद्योग ने जो रफ्तार भरनी शुरू की, वह लगातार आगे बढ़ती जा रही। मेरा मानना है कि देश का विकास पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर के बीच दूरी रखकर किसी भी सूरत में नहीं किया जा सकता है। यही कारण है कि निजी क्षेत्र की अहमियत को समझते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने आज से 20 साल पहले रक्षा क्षेत्र में निजी क्षेत्र के सौ फीसदी प्रतिभागिता की व्यवस्था की थी।

कास्टिंग और फोर्जिंग के क्षेत्र में जिन भारतीय कंपनियों ने दुनिया में बड़ा नाम कमाया है, पीटीसी इंडस्ट्रीज लिमिटेड उनमें से एक है। यह बेहद हर्ष का विषय है कि जिस प्लांट का उद्घाटन हुआ है वह एयरोस्पेस और एयरोस्पेस में टाइटेनियम और निकिल के आलाय बनाने वाली पहली मैंयुफैक्चरिंग यूनिट है। देश के साथ-साथ यूएसए, फिनलैंड, चीन, नॉर्वे व स्वीडन की बड़ी और प्रतिष्ठित कंपनियों को पीटीसी से अपने उत्पाद उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

रक्षा मंत्रालय की 209 उत्पाद की सूची जारी की गई है। हमारा संकल्प है कि एक निश्चित समय के बाद हम किसी भी सूरत में दुनिया के दूसरे दूर देशों से आयात नहीं करेंगे, यह उपकरण भारत में ही बनेंगे। डीआरडीओ से निशुल्क ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी यूपी और तमिलनाडु के बीच में शुरू किया गया है। इस मौके पर औद्योगिक मंत्री सतीश महाना, मंत्री स्वाति सिंह, अपर मुख्य सचिव व यूपीडा के सीईओ अवनीश अवस्थी, ज्वाइंट सेक्रेट्री अनुराग बाजपेई, पीटीसी इंडस्ट्रीज के सीएमडी सचिन अग्रवाल , स्मिता अग्रवाल समेत तमाम लोग मौजूद रहे।

अब युवाओं को पलायन की जरूरत नहीं

राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ और उत्तर प्रदेश के उद्यमी को वह हर चीज मिलेगी, जिसे उसकी जरूरत है। उन्होंने कहा कि लखनऊ कुछ मामलों में बहुत भाग्यशाली है। उन्नाव और कानपुर के नजदीक होने और इंडस्ट्रियल बेल्ट होने से लखनऊ मजबूत स्थिति में है। अब बनारस से लेकर झांसी तक के लोगों को काम की तलाश के लिए पलायन नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि रिसर्च एंड डेवलपमेंट के खेत में उद्योगों का निवेश कम रहा है, इस कारण उद्योग बेहतर स्थिति में नहीं पहुंच पाते हैं। इससे निपटने के लिए सरकार ने बैंको को दिशा निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों को लोकल आईटीआई, लोकल स्कूल और लोकल हॉस्पिटल को गोद ले।

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