बोम्मई बोले- कांग्रेस ने न सिर्फ बिटकाॅइन घोटाले को ढका, बल्कि आरोपी को भी छोड़ा
बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने बिटकाॅइन के मुद्दे पर कांग्रेस पर हमला बोला है और कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने बिटकाॅइन घोटाले पर पर्दा डालने का काम किया था। बोम्मई ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा इसे कर्नाटक का सबसे बड़ा कवर-अप करार दिए जाने के एक दिन बाद कहा कि कांग्रेस …
बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने बिटकाॅइन के मुद्दे पर कांग्रेस पर हमला बोला है और कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने बिटकाॅइन घोटाले पर पर्दा डालने का काम किया था। बोम्मई ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा इसे कर्नाटक का सबसे बड़ा कवर-अप करार दिए जाने के एक दिन बाद कहा कि कांग्रेस सरकार ने न सिर्फ बिटकाॅइन घोटाले पर पर्दा डाला, बल्कि इसके आरोपी श्रीकृष्ण रमेश को भी छोड़ दिया।
यह भारतीय जनता पार्टी की ही सरकार है, जिसने श्रीकृष्ण को ड्रग मामले में गिरफ्तार किया और सरकारी पोर्टल को हैक करने तथा बिटकाॅइन घोटाले के लेने-देने जैसे अन्य मामलों में उसके शामिल होने का पता लगाया। उन्होंने कहा कि वे लोग (कांग्रेस) दावा करते हैं कि यह मामला 2016 का है। यदि यह मामला 2016 का है, तो रणदीप सुरजेवाला उस समय के मंत्रियों तथा तत्कालीन मुख्यमंत्री ( सिद्दारमैया) से इसके बारे में क्यों नहीं पूछते। उन्होंने इस मुद्दे पर संज्ञान क्यों नहीं लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि इसमें प्रभावशाली राजनीतिज्ञ शामिल हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी सहित कांग्रेस के अन्य नेताओं ने यह कहते हुए उच्चतम न्यायालय की निगरानी में विशेष जांच दल गठित करने की मांग की है कि घोटाला बड़ा है,लेकिन कवर-अप उससे भी बड़ा है। उन्होंने कहा, “वर्ष 2018 में उन लोगों (कांग्रेस सरकार) ने आरोपी (श्रीकृष्ण) को गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया।
उन लोगों ने उचित जांच नहीं कराई थी। वर्ष 2020 में हमारी (भाजपा) सरकार ने उसे (श्रीकृष्ण को) ड्रग मामले में गिरफ्तार किया। जब हम लोगों ने उससे पूछताछ की, तो पाया कि उसने सरकारी पोर्टल को हैक किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस के शासन काल में 2018 में यह मामला सामने आया, तो उस समय की सरकार ने इस मामले का उचित तरीके से जांच नहीं करायी थी। बोम्मई ने कहा कि हम लोगों (भाजपा सरकार) ने इस मामले की जांच की। हमने घोटालेबाज को गिरफ्तार किया।
इस मामले को प्रवर्तन निदेशालय तथा केंद्रीय जांच ब्यूरो के इटरपोल प्रकोष्ठ को सौंपा। इस मामले से जुड़ी सारी जानकारियां सीबीआई को दी। इस मामले में किसी दोषी को नहीं छोड़ा जाएगा। इससे पहले भाजपा प्रवक्ता कैप्टन गणेश कर्णिक ने कहा कि यह घोटाला सिर्फ कांग्रेस की विकृत कल्पना मात्र है।
उन्होंने कहा कि पुलिस ने अदालत से बिटकाइ को अपने वैलेट में स्थानांतरित करने की अनुमति मांगी थी, लेकिन जब श्रीकृष्ण ने बताया कि 186.81 करोड़ रुपये का बिटकोइन वैलेट उसका निजी खाता नहीं, बल्कि एक लेन-देने वाला वैलेट है, तो पुलिस को पीछे हटना पड़ा।
उन्होंने कहा कि इसलिए अकाउंट से छेड़छाड़ नहीं की गई, क्योंकि आरोपी के पास इसके लिए निजी चाबी (प्राइवेट की) नहीं है। इस वजह से कोई भी बिटकाेइन पुलिस वैलेट में स्थानांतरित नहीं किया गया। उधर, श्रीकृष्ण ने दावा कि उसने बिटफीनेक्स को हैक किया था। उसने कहा है कि अभी तक किसी भी विदेशी कानून प्रवर्तन एजेंसी ने इस संबंध में बेंगलुरु पुलिस से शिकायत नहीं की है।
कर्णिक ने कहा कि पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि श्रीकृष्ण ने जिन वेबसाइटों को हैक करने का दावा किया है, वे फर्जी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 28 अप्रैल को सीबीआई के इंटरपोल प्रकोष्ठ को इस संबंध में जानकारी दी, ताकि संबंधित देशों को इसको लेकर अलर्ट किया जा सके। इसके साथ ही सरकार ने ईडी को भी इस बारे में जानकारी दी।
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