सिंध, बलूचिस्तान ने एहसास राशन कार्यक्रम में योगदान देने से किया इनकार : पाकिस्तान

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में सिंध और बलूचिस्तान ने प्रधानमंत्री इमरान खान के एहसास राशन कार्यक्रम में छह महीने के लिए अपना 65 प्रतिशत हिस्सा देने से इनकार कर दिया है, ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि यहां रहने वाले लोगों को सब्सिडी का लाभ न मिले। गरीबी उन्मूलन पर प्रधानमंत्री की विशेष सहायक डॉ …

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में सिंध और बलूचिस्तान ने प्रधानमंत्री इमरान खान के एहसास राशन कार्यक्रम में छह महीने के लिए अपना 65 प्रतिशत हिस्सा देने से इनकार कर दिया है, ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि यहां रहने वाले लोगों को सब्सिडी का लाभ न मिले। गरीबी उन्मूलन पर प्रधानमंत्री की विशेष सहायक डॉ सानिया निश्तार ने डॉन समाचार पत्र को बताया, “सिंध और बलूचिस्तान ने इस कार्यक्रम में योगदान देने से इनकार कर दिया है, जिस वजह से इन दोनों प्रांतों के लोगों को संघीय सरकार के हिस्से के तौर पर 1,000 रुपये की कुल सब्सिडी के बदले केवल 350 रुपये की सब्सिडी मिलेगी।”

एहसास राशन सब्सिडी कार्यक्रम के मुताबकि इसमें पंजीकृत व्यक्तियों को यूटीलिटी स्टोर, सुपर स्टोर और अन्य नामित जनरल स्टोर से उपयोग में लाई जाने वाली तीन वस्तुएं – दाल, आटा और खाद्य तेल /घी को रियायती दरों पर दिया जाएगा। बलूचिस्तान सरकार की तरफ से सब्सिडी कार्यक्रम में हिस्सा देने से इनकार करने पर इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार को तगड़ा झटका लगा है क्योंकि सत्ताधारी बलूचिस्तान अवामी पार्टी और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ बलूचिस्तान गठबंधन सहयोगी हैं।

डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक बलूचिस्तान का यह कदम इमरान खान की सरकार के लिए काफी चौंकाने वाला है क्योंकि पार्टी का अपने सहयोगियों के बीच ‘विश्वास की कमी’ को देखा जा रहा और और सरकार की ‘गलत आर्थिक नीतियों’ के कारण विपक्ष भी सरकार गिराने की धमकी दे रही है। इस बीच, सिंध में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) का शासन है, जो मुख्य विपक्षी दलों में से एक है। सिंध सरकार के प्रवक्ता सईद गनी ने कहा, “मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेने का फैसला लिया होगा और इसके फैसले के बारे में अभी सभी को नहीं बताया गया है।”

संबंधित समाचार