बरेली: नाले में गिरी गाय, घंटों नहीं आया नगर निगम व अग्निशमन का दस्ता

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बरेली, अमृत विचार। खुदे नाले और गड्ढों की वजह से आए दिन पशुओं के गिरने की घटनाएं हो रही हैं। कुछ दिन पहले निर्माण कार्य के लिए नगर निगम ने सड़क किनारे गड्ढा खोद दिया था। सोमवार को काफी गहरे खुले नाले में एक और गाय गिर गई। स्थानीय लोगों के काफी प्रयास के बाद …

बरेली, अमृत विचार। खुदे नाले और गड्ढों की वजह से आए दिन पशुओं के गिरने की घटनाएं हो रही हैं। कुछ दिन पहले निर्माण कार्य के लिए नगर निगम ने सड़क किनारे गड्ढा खोद दिया था। सोमवार को काफी गहरे खुले नाले में एक और गाय गिर गई। स्थानीय लोगों के काफी प्रयास के बाद इस गाय को नहीं निकला जा सका। लोगों ने नगर निगम और अग्निशमन विभाग के लोगों को सूचना दी लेकिन मौके पर बचाव दस्ता न पहुंचने से गाय को घंटों बाहर नहीं निकला जा सका। इसे लेकर लोगों में सरकारी सिस्टम को लेकर रोष देखा गया।

सोमवार को सौ फुटा रोड पर सुबह गाय नाले में गिर गई। नाला कई जगहों से खुला हुआ था। नाले में गिरने के बाद गाय बाहर निकलने के लिए तड़पती रही। आसपास के लोगों ने जब यह देखा तो उन्होंने नाले में फंसी गाय को बचाने की काफी कोशिश करते रहे लेकिन गाय के बहकर नाले के स्लैब के नीचे पहुंच जाने के बाद उसकी जान बचाने में दिक्कत पैदा हो गई। लोगों ने इकट्ठा होकर गाय को बचाने का भरसक प्रयास शुरू किया लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला।

घंटों की कोशिश के बावजूद लोगों के प्रयास जब कामयाब नहीं हुए तो उन्होंने नगर निगम, फायर ब्रिगेड को फोन से सूचना दी। नगर निगम की टीम खुद भी नहीं पहुंची और फायर ब्रिगेड से फोन आने का इंतजार करती रही। जबकि स्थानीय लोगों ने इसके सूचना पहले ही दे दी थी। देर शाम तक गाय को नाले से निकाला नहीं गया। सरकारी विभागों की उदासीनता को लेकर लोगों में काफी रोष दिखाई दिया।

वर्जन—
नाले में अगर कोई पशु गिर जाता है तो फायर ब्रिगेड को उसे बचाने के लिए आगे आना चाहिए। नगर निगम की जिम्मेदारी यह है कि मरे पशु को उठाकर उसका समुचित तरीके से निस्तारण किया जाए।
—डॉ. अशोक कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी

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