पूर्वांचल वासियों के उज्ज्वल भविष्य का खुला द्वार : स्वतंत्र देव सिंह

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लखनऊ। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण से पूर्वांचल वासियों के उज्ज्वल भविष्य का खुला द्वार खुल गया है। मंगलवार को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिनंदन एवं निर्माण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार प्रकट करते हुए कहा कि पूर्वांचल …

लखनऊ। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण से पूर्वांचल वासियों के उज्ज्वल भविष्य का खुला द्वार खुल गया है। मंगलवार को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिनंदन एवं निर्माण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार प्रकट करते हुए कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे ने पूर्वांचलवासियों के उज्ज्वल भविष्य का द्वार खोल दिया है।

उन्होंने कहा कि जिस पूर्वांचल को पूर्व की सरकारों ने हमेशा उपेक्षित रखा आज प्रधानमंत्री ने एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन कर उसके विकास का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस-वे न सिर्फ पूर्वांचल को प्रदेश की राजधानी लखनऊ व राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सीधे जोड़ेगा बल्कि इसके शुरू होने से पूर्वांचल का पिछड़ापन दूर होगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और आर्थिक उन्नति का नया अध्ययाय भी लिखा जाएगा।

एक्सप्रेस-वे पर हवाई लैंडिग मौजूद

इस एक्सप्रेस वे पर आठ जगह औद्योगिक गलियारे की स्थापना भी की जाएगी जिसकी अधिसूचना जारी हो गई है। सुलतानपुर के पास लगभग 3.2 किलोमीटर लंबी एक हवाई पट्टी भी है। इस पर विमानों की आपात लैंडिंग हो सकेगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास की दृष्टि से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की बहुत बड़ी भूमिका होगी।

जानिए एक्सप्रेस-वे से जुड़ी 5 बड़ी बातें

1. लखनऊ से आजमगढ़ और मऊ होते हुए गाजीपुर तक 340.824 किमी लंबे इस एक्सप्रेस-वे के बन जाने से पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच की दूरी कम हो जाएगी, वहीं व्यापार और अन्य वाणिज्यिक गतिविधियों को भी रफ्तार मिलेगी।

2. छह लेन का एक्सप्रेसवे राज्य की राजधानी लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकरनगर, अमेठी, सुलतानपुर, आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर जिले की सीमाओं से होकर गुजरेगा। बाद में इसका विस्तार बलिया तक कर दिया जाएगा।

3. इस एक्सप्रेस-वे से उत्तर प्रदेश के पूर्वी जिले यमुना एक्सप्रेस-वे के जरिए नई दिल्ली से जुड़ जाएंगे और यह देश का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे बन जाएगा। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे लखनऊ के गांव चांद सराय से शुरू होकर गाजीपुर जिले के हैदरिया गांव में खत्म होगा।

4.  एक्सप्रेसवे की परियोजना लागत लगभग 22,494.66 करोड़ रुपये है, जिसमें जमीन की लागत भी शामिल है।

5. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का उपयोग भारतीय वायु सेना के विमानों के लिए एक इमरजेंसी रनवे के रूप में भी किया जाएगा। यह भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमानों को आपात स्थितियों के लिए हवाई पट्टी के रूप में उपयोग करने की अनुमति देगा।

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