बरेली: इलाज के दौरान नवजात की मौत, हंगामा

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Edited By Amrit Vichar
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आंवला, अमृत विचार। इलाज के दौरान नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल स्टॉफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों ने शिशु की मौत के बाद जमकर हंगामा किया। इसके बाद शव लेकर आंवला थाने पहुंचे, लेकिन वहां पुलिस ने तहरीर लेने से इनकार कर दिया और पीड़ित को भमोरा थाने भेज दिया। …

आंवला, अमृत विचार। इलाज के दौरान नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल स्टॉफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों ने शिशु की मौत के बाद जमकर हंगामा किया। इसके बाद शव लेकर आंवला थाने पहुंचे, लेकिन वहां पुलिस ने तहरीर लेने से इनकार कर दिया और पीड़ित को भमोरा थाने भेज दिया। लेकिन पुलिस ने पीड़ित की फरियाद नहीं सुनी। इसके बाद वह एसडीएम आंवला से मिला और शिकायत की है। एसडीएम ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।

बदायूं जिले के थाना कुंवरगांव के गांव आजमगंज मढ़िया के अशोक वर्मा ने बताया कि उनकी पत्नी कुसुम गर्भवती थी। प्रसव पीड़ा के समय कुसुम अपने मायके मजरा गोजा खेड़ा में थी। उसके मायके वाले बुधवार को पुरैना बस अड्डे पर स्थित एक अस्पताल ले गए। अशोक ने बताया कि वहां मौजूद नर्स ने बताया कि 10 हजार रुपये लगेंगे और प्रसव करा देंगे। नर्स की बात पर उन्होंने कुसुम को अस्पताल में भर्ती करा दिया। इसके बाद नर्स प्रसव कराने का प्रयास करती रही, लेकिन प्रसव नहीं हो सका। बच्चा पेट में ही था। सुबह को नर्स उनकी पत्नी को लेकर बरेली जाने लगी।

इस पर परिजनों ने पूछा तो वह जबाव नहीं दे सकी। हालात बिगड़ने पर भमोरा के एक अस्पताल में कुसुम को भर्ती करा दिया गया। यहां आपरेशन के बाद मरा हुआ बच्चा पैदा हुआ। इसके बाद परिजन अस्पताल पहुंचे और हंमागा किया, लेकिन वहां लोगों के समझाने के बाद वापस आ गए। आरोप है कि पुरैना बस अड्डे के पास स्थिति अस्पताल कर्मियों की लापरवाही के कारण उनके बच्चे की जान गई है। इसके बाद पीड़ित एसडीएम आंवला से मिला। एसडीएम ने मामले की जांच के बाद कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

एसडीएम की बात नहीं मानती पुलिस
अशोक की शिकायत पर एसडीएम आंवला ने उसे आंवला थाने भेजा, लेकिन पुलिस ने अशोक को भमोरा भेज दिया। पुलिस ने कहा कि बच्चा भमोरा में हुआ है। इसलिए रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा सकती। आंवला पुलिस ने अशोक को भमोरा भेज दिया। लेकिन भमोरा पुलिस ने भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। अशोक का कहना है कि यदि पुलिस चाहती तो आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है, लेकिन पुलिस एसडीएम की बात भी नही सुनती है।

कार्रवाई के लिए दिन भर भटकता रहा आशोक
आरोपी नर्स और अन्य स्टॉफ पर कार्रवाई की मांग करते हुए आशोक इधर उधर भटकता रहा। लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। कभी वह एसडीएम के पास गया, तो कहीं आंवला और भमोरा थाने के चक्कर काटता रहा, लेकिन पुलिस ने उसकी नहीं सुनी। अशोक ने बताया कि एसडीएम ने उनकी बात को सुना और कार्रवाई का आश्वासन दिया है। एसडीएम से न्याया की उम्मीद जताई है।

नवजात शिशु की मौत के मामले में भमोरा पुलिस को तहरीर दिलाकर कार्रवाई शुरू कराई गई है। शिशु के शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया है, सीएमओ को सूचना दे दी गई है। शुक्रवार को स्वास्थ विभाग और पुलिस टीम मामले की जांच करेगी। -नन्हेंराम, एसडीएम, आंवला

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