हक पाना है तो बनना पड़ेगा आंदोलनजीवी: जयंत चौधरी
मुजफ्फरनगर। तीन कृषि कानूनों की वापसी के पीएम मोदी की घोषणा पर तंज कसते हुये राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) अध्यक्ष जयंत चौधरी ने शनिवार को कहा कि यह आंदोलनजीवियों की जीत है और अगर अपना हक पाना है तो सबको आंदोलनजीवी बनना पड़ेगा। बघरा (चरथावल) में आयोजित पार्टी की परिवर्तन संदेश रैली को संबोधित करते हुये …
मुजफ्फरनगर। तीन कृषि कानूनों की वापसी के पीएम मोदी की घोषणा पर तंज कसते हुये राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) अध्यक्ष जयंत चौधरी ने शनिवार को कहा कि यह आंदोलनजीवियों की जीत है और अगर अपना हक पाना है तो सबको आंदोलनजीवी बनना पड़ेगा। बघरा (चरथावल) में आयोजित पार्टी की परिवर्तन संदेश रैली को संबोधित करते हुये जयंत ने कहा “ मोदी जी कह रहे हैं कि मेरा इरादा अच्छा था पर, हम कुछ किसानों को समझा नही पायें।
सही बात ये है मोदी जी उन्हें बरगला नहीं पाए। मैं उनको बता देना चाहता हूं कि अब किसानों ने समझ लिया हैं, अगली पीढ़ी ने भी समझ लिया, किसान गंवार नही हैं। किसान अब इनकी झूठी बातों में आने वाला नहीं है। प्रधानमंत्री आंदोलनरत किसानों को आंदोलनजीवी कहते थे। जबकि उनका कहना है कि अगर अपना हक पाना है तो सबको आंदोलनजीवी बनना पड़ेगा।
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साथ ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुये उन्होंने कहा कि उनका पूरा ध्यान बस पूजा-पाठ और देश भर में अपने होर्डिंग लगवाने में लगा रहता है। एक ऐसा इंसान जिसे नीतियां न तो बनानी आती हैं और न ही लागू करनी। ऐसे इंसान को मुख्यमंत्री कैसे बनाया जा सकता है।
2017 में प्रदेश पर चार लाख करोड़ का कर्ज था जो आज बढ़कर छह लाख करोड़ का हो गया है। हालत ये है की आज सरकार अपने कर्मचारियों का वेतन तक नहीं दे पा रही है। उन्होंने किसानों से कहा “ हमने और आपने ठान लिया था कि तीनों काले कानून वापिस करायेंगे, जिसमें हम कल सफल रहे। साथ ही उन्होंने कहा कि नौजवानों को रोजगार नहीं दिला पाया तो ऐसी सत्ता की कुर्सी पर एक दिन नहीं रहूंगा।
